45 डिग्री की गर्मी में टैक्सी ड्राइवर का AC जुगाड़ हुआ वायरल, लोग बोले- कार में मिल रही है शिमला जैसी ठंडक

Taxi Driver Ac Hack
भीषण गर्मी के बीच दिल्ली के एक टैक्सी ड्राइवर का AC कूलिंग बढ़ाने वाला अनोखा तरीका सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. जानिए इसके पीछे का विज्ञान और विशेषज्ञों की चेतावनी.
देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय खोज रहे हैं. इसी बीच दिल्ली के एक टैक्सी ड्राइवर का अनोखा AC जुगाड़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में ड्राइवर अपनी कार के AC सिस्टम को ज्यादा ठंडा बनाने के लिए एक खास तरीका अपनाता नजर आता है. यात्रियों ने जब कार के अंदर ठंडी हवा का अनुभव किया तो उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद यह क्लिप इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई. कई लोग इसे देसी जुगाड़ का शानदार उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसके संभावित खतरों को लेकर चेतावनी भी दे रहे हैं.
आखिर क्या है यह वायरल AC जुगाड़?
वायरल वीडियो में टैक्सी ड्राइवर कार के AC कंडेंसर पर पानी का छिड़काव करता दिखाई देता है. उसका दावा है कि इससे कार के अंदर “शिमला जैसी ठंडक” महसूस होती है. वीडियो में मौजूद यात्रियों ने भी AC की बेहतर कूलिंग की तारीफ की, जिसके बाद यह तरीका सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया.
भीषण गर्मी से परेशान लोग इस उपाय को कम खर्च वाला समाधान मान रहे हैं. यही वजह है कि वीडियो पर लाखों व्यूज और हजारों प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
विज्ञान क्या कहता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक इस जुगाड़ के पीछे एक वैज्ञानिक कारण मौजूद है. जब कंडेंसर पर पानी डाला जाता है तो उसकी सतह का तापमान कुछ समय के लिए कम हो जाता है. इससे रेफ्रिजरेंट अधिक प्रभावी तरीके से गर्मी बाहर निकाल पाता है और AC थोड़ी देर के लिए ज्यादा ठंडी हवा देने लगता है.
खासकर तब, जब बाहर का तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच हो, यह प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है. हालांकि यह फायदा अस्थायी होता है और स्थायी समाधान नहीं माना जाता.
लगातार इस्तेमाल करने पर हो सकते हैं नुकसान
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के उपाय को नियमित रूप से अपनाना सही नहीं है. लगातार पानी पड़ने से कंडेंसर और उससे जुड़े हिस्सों में जंग लगने का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा पानी में मौजूद खनिज पदार्थ समय के साथ जमा होकर सिस्टम की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं.
अगर पानी किसी संवेदनशील वायरिंग या इलेक्ट्रिकल हिस्से तक पहुंच जाए तो शॉर्ट सर्किट जैसी समस्या भी पैदा हो सकती है. इसलिए इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती.
कहीं बड़ी समस्या तो नहीं छिपा रहा यह जुगाड़?
मेकैनिक्स का मानना है कि कई बार लोग ऐसे अस्थायी उपायों की मदद से असली समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं. यदि कार का AC सही तरह से कूलिंग नहीं कर रहा है तो इसके पीछे रेफ्रिजरेंट की कमी, गंदा कंडेंसर, खराब फैन या किसी तकनीकी खराबी की वजह हो सकती है.
ऐसे में पानी छिड़कने से कुछ देर राहत मिल सकती है, लेकिन मूल समस्या बनी रहती है. बाद में यह खराबी और बड़ी बन सकती है, जिससे मरम्मत का खर्च भी बढ़ सकता है.
गर्मी बढ़ने के साथ बढ़ रहे हैं ऐसे जुगाड़
भारत में लगातार बढ़ती गर्मी लोगों को नए-नए उपाय अपनाने के लिए मजबूर कर रही है. हाल के वर्षों में AC ऑटो रिक्शा, पोर्टेबल कूलिंग सिस्टम और कई दूसरे देसी इनोवेशन भी चर्चा में रहे हैं. दिल्ली के इस टैक्सी ड्राइवर का वायरल वीडियो भी उसी ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है.
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि रचनात्मक सोच अच्छी बात है, लेकिन वाहन से जुड़े किसी भी जुगाड़ को अपनाने से पहले उसके सुरक्षा पहलुओं को जरूर समझ लेना चाहिए.
यह भी पढ़ें: ऑफ-रोड व्हील्स फिट करते ही बदल गई Tata Sierra, मॉडिफाइड लुक का वीडियो हो रहा वायरल
यह भी पढ़ें: यूं ही नहीं कहते इसे लॉर्ड ऑल्टो! देखिए कैसे इस छोटी कार ने पार कर दिया खतरनाक आदि कैलाश का रास्ता
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By राजीव कुमार
राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.
राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.
डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.
राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.
जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.
जुड़िए [email protected] पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










