10 रुपये का टूथपेस्ट से चमकेगा कार का हेडलाइट, नहीं पड़ेगी एंटी-फॉग स्प्रे की जरूरत, अपनाएं ये आसान ट्रिक
Car headlight cleaning tips (Pic: AI Generated)
क्या आपकी कार की हेडलाइट्स की रोशनी कम हो गई है? अब महंगे केमिकल या एंटी-फॉग स्प्रे की जरूरत नहीं. सिर्फ 10 रुपये के टूथपेस्ट से आप अपनी कार की हेडलाइट्स को बिल्कुल नया जैसा चमका सकते हैं. यह लेख आपको एक आसान और सस्ता तरीका बताता है जिससे रात में आपकी ड्राइविंग और भी सुरक्षित हो जाएगी.
कई बार कार चलाने वाले लोगों को रात के समय हेडलाइट्स की रोशनी कम होने के चलते कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं. लाइट्स कम होने की वजह से आगे रास्ता धुंधला दिखने लगता है. समय के साथ धूल, धूप या फिर अन्य कारों के पेंट हेडलाइट्स पर आकर जम जाते हैं, जिसके चलते दिक्कत होने लगती है. इसे साफ करने के लिए लॉग एंटी-फॉग स्प्रे खरीदते हैं या फिर मैकेनिक के पास जाकर पैसे खर्च करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 10 रुपये के टूथपेस्ट से ही इसको अच्छी तरह साफ किया जा सकता है. इससे कार की हेडलाइट्स को नए जैसा चमकाया जा सकता है. आइए आपको आसान ट्रिक बताते हैं.
टूथपेस्ट हेडलाइट्स को कैसे साफ करेगा?
आपके दिमाग में यह सवाल आ सकता है कि क्या आखिर टूथपेस्ट कैसे काम करेगा. सफेद टूथपेस्ट में हल्के एब्रेसिव यानि रगड़ने वाले तत्व मौजूद होते हैं. यह दांतों की सफाई करने के साथ-साथ प्लास्टिक की सतह पर जमी गंदगी, पीलेपन और हल्के स्क्रैच को हटाने में बहुत यूजफुल होते हैं. जब आप इसे हेडलाइट पर रगड़ते हैं, तो यह ऊपर जमी खराब परत को हटाकर हेडलाइट की कांच यह प्लास्टिक को पूरी तरह से हटा देता है.
टूथपेस्ट से हेडलाइट कैसे साफ करें?
यदि आप भी अपनी कार के हेडलाइट को इस तरीके से साफ करना चाहते हैं, तो उसके लिए सबसे पहले 10 रुपये का व्हाइट वाला टूथपेस्ट खरीदें, उसके बाद एक पुराना सूती कपड़ा या ब्रश और पानी लें.
- सबसे पहले कार की हेडलाइट्स को अच्छी तरह से धो लें, ताकि ऊपर जमी हुई धूल हट जाए. इसके बाद इसे किसी कपड़े से पोंछ लें.
- अब टूथपेस्ट को खोलकर उसे अच्छी तरह से हेडलाइर के ऊपर फैलाकर लगाएं. ध्यान रखें कि पेस्ट पूरी तरह से हेडलाइट पर लगा हो, उसके लिए उंगली से मिलाएं.
- पुराने सूती कपड़े या ब्रश की मदद से गोल-गोल 3 से 5 मिनट तक हेडलाइट को रगड़ें. जहां ज्यादा डॉट या पीलापन दिख रहा हो, वहां ज्यादा देर तक रगड़ें.
- अब हेडलाइट को पानी से धो लें. उसके बाद आप ध्यान से देखें, कि क्या हेडलाइट्स पर जमा हुए पीलापन खत्म हुआ है या नहीं.
- लास्ट में हेडलाइट को एक साफ और सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें.
ये भी पढ़ें:पुरानी गाड़ियों की हेडलाइट पर क्यों लगाई जाती थी काली पट्टी? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
एंटी-फॉग स्प्रे की नहीं पड़ेगी जरूरत?
टूथपेस्ट न केवल हेडलाइट्स के पीलेपन को दूर करता है, कांच पर एक ऐसी सेफ्टी परत भी बनाता है, जिससे धुएं और ओस आसानी से नहीं जमती है. बारिश के मौसम में यह तरीका एंटी-फॉग स्प्रे की तरह काम करता है. इससे रात में गाड़ी चलाते समय रोशनी ज्यादा दूर तक जाती है और आपकी ड्राइविंग सेफ रहेगी.
साधारण टूथपेस्ट का करें इस्तेमाल
गाड़ी के हेडलाइट्स साफ करने के लिए हमेशा साधारण वाली टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें, क्योंकि जेल वाले पेस्ट का असर कम होता है. कपड़े को ज्यादा जोर से नहीं रगड़ें, इससे हेडलाइट्स पर निशान पड़ सकते हैं.
यह भी पढ़ें : टायरों का रंग हमेशा काला ही क्यों होता है? सालों से गाड़ी चलाने वाले भी नहीं जानते इसकी वजह
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By शिवांश शेखर
शॉर्ट बायो
शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.
विस्तृत बायो
शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं.
उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई
बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
काम का सफर
पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.
विजन
शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










