Bolero vs G-Wagon: महिंद्रा की SUV की क्यों होती है मर्सिडीज से तुलना? दिखने में एक जैसी, पर एक-दूसरे से कितनी अलग?

Bolero बनाम G-Wagon: जानिए क्यों होती है इनकी तुलना
Bolero vs G-Wagon: महिंद्रा बोलेरो और मर्सिडीज जी-वैगन की तुलना सोशल मीडिया पर जाेर पकड़ लेती है. जानिए इन दोनों SUVs में क्या है समानता और क्या है अंतर
Bolero vs G-Wagon: भारत की सड़कों पर Mahindra Bolero एक ऐसा नाम है जो ग्रामीण इलाकों से लेकर छोटे शहरों तक अपनी मजबूत पहचान बना चुका है. वहीं दूसरी ओर, Mercedes-Benz G-Wagon एक इंटरनेशनल लक्जरी आइकन है, जिसे अमीरों की पसंद और स्टेटस सिंबल माना जाता है. लेकिन सोशल मीडिया पर इन दोनों की तुलना ने एक नया ट्रेंड खड़ा कर दिया है- क्या Bolero सच में “Desi G-Wagon” है?
बॉक्सी लुक और दमदार रोड प्रेजेंस
Bolero और G-Wagon दोनों ही बॉक्सी डिजाइन के साथ आते हैं, जो उन्हें एक रफ एंड टफ लुक देता है. Bolero का सिंपल लेकिन मजबूत फ्रेम ग्रामीण इलाकों में भरोसे का प्रतीक है, जबकि G-Wagon का स्टाइलिश बॉडीवर्क और एलिगेंट फिनिश इसे लक्ज़री सेगमेंट में टॉप पर रखता है.
फीचर्स और स्पेसिफिकेशन में जमीन-आसमान का फर्क
| फीचर | Mahindra Bolero | Mercedes G-Wagon |
|---|---|---|
| कीमत | ₹9.81 लाख | ₹2.55 करोड़ |
| इंजन क्षमता | 1493cc | 2925cc |
| ट्रांसमिशन | मैनुअल | ऑटोमैटिक |
| माइलेज | 16 kmpl | 6.1 kmpl |
| सेफ्टी फीचर्स | बेसिक एयरबैग्स | 9 एयरबैग्स |
| लग्ज़री एलिमेंट्स | न्यूनतम | हाई-एंड टेक्नोलॉजी |
सोशल मीडिया पर Bolero की G-Wagon से तुलना क्यों?
- मेमे कल्चर: इंस्टाग्राम और फेसबुक पर Bolero को “Desi G-Wagon” कहकर मजाकिया अंदाज में पेश किया जाता है.
- कस्टमाइजेशन ट्रेंड: कई लोग Bolero को मॉडिफाई करके G-Wagon जैसा लुक देते हैं- ब्लैक पेंट, एलईडी लाइट्स, और बॉडी किट्स.
- स्थानीय स्टेटस सिंबल: ग्रामीण भारत में Bolero का वही रुतबा है जो G-Wagon का मेट्रो शहरों में.
असलियत में तुलना कितनी जायज?
जहां G-Wagon एक हाई-परफॉर्मेंस लक्जरी SUV है, वहीं Bolero एक बजट-फ्रेंडली, भरोसेमंद और मेंटेनेंस में आसान वाहन है. दोनों की तुलना तकनीकी रूप से सही नहीं है, लेकिन सांस्कृतिक और सोशल मीडिया के नजरिए से यह तुलना दिलचस्प है.
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By Rajeev Kumar
राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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