मॉनसून में नई कार खरीदने वाले हैं? ये 5 फीचर्स आपकी चेकलिस्ट में सबसे ऊपर होने चाहिए

बारिश के दौरान पानी भरी सड़क पर चलती कार (Photo: AI Generated)
मॉनसून में नई कार खरीदने जा रहे हैं तो सिर्फ स्टाइल, टचस्क्रीन या माइलेज देखकर फैसला न करें. बारिश के मौसम में कुछ ऐसे जरूरी फीचर्स हैं, जो मुश्किल हालात में आपकी ड्राइव को ज्यादा सेफ बना सकते हैं. खरीदारी से पहले आइए इन पर नजर डालते हैं.
मॉनसून की बारिश जहां गर्मी से राहत देती है, वहीं ड्राइविंग को पहले से कहीं ज्यादा कठिन भी बना देती है. सड़कों पर भरा पानी, फिसलन, कम विजिबिलिटी और अचानक सामने आ जाने वाले गड्ढे सफर को मुश्किल बनाते हैं. ऐसे में अगर आप इस बारिश के मौसम में नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ शानदार लुक, बड़ी टचस्क्रीन या ज्यादा माइलेज देखकर फैसला न लें. कुछ ऐसे फीचर्स भी हैं जो बारिश के दौरान आपकी ड्राइव को ज्यादा सेफ, आसान और टेंशन फ्री बना सकते हैं. आइए जानते हैं उन 5 जरूरी फीचर्स के बारे में, जिन्हें नई कार खरीदते समय आपकी चेकलिस्ट में सबसे ऊपर होना चाहिए.
इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC)
बारिश के मौसम में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं. ऐसे में तेज मोड़ लेते समय या अचानक लेन बदलने पर कार के फिसलने का खतरा काफी बढ़ जाता है. यही वजह है कि Electronic Stability Control (ESC) जैसे सेफ्टी फीचर की अहमियत और भी बढ़ जाती है. अगर कार का बैलेंस बिगड़ने लगता है, तो ESC तुरंत इसे पहचान लेता है और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग पहियों पर अपने आप ब्रेक लगाता है. इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर यह इंजन की पावर भी कम कर देता है.
6 एयरबैग
मॉनसून में कभी अचानक ट्रैफिक जाम, कभी तेज बारिश की वजह से कम विजिबिलिटी तो कभी फिसलन भरी सड़कों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में सिर्फ आपकी सावधानी ही काफी नहीं होती, क्योंकि कई बार दूसरे ड्राइवर की एक छोटी-सी गलती भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है. यही कारण है कि कार में कम से कम 6 एयरबैग, ABS के साथ EBD और अच्छी क्रैश सेफ्टी रेटिंग जैसे फीचर्स होना बेहद जरूरी है.
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हाई ग्राउंड क्लीयरेंस
बारिश का मौसम आते ही सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है पानी से भरी सड़कें. ऐसे में कम ग्राउंड क्लीयरेंस वाली कारें अक्सर स्पीड ब्रेकर से टकरा जाती हैं या फिर पानी भरी सड़कों पर फंसने का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली कारें उबड़-खाबड़ रास्तों, छिपे हुए गड्ढों और हल्के जलभराव को कहीं बेहतर तरीके से पार कर लेती हैं. ये चीज खासकर उन शहरों में रहने वाले लोगों के लिए ज्यादा काम आती हैं, जहां हर बारिश में सड़कें तालाब बन जाती हैं.
डिफॉगर और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल
बारिश के मौसम में अक्सर कार के शीशे अंदर से धुंधले (Fog) हो जाते हैं. ऐसे में कुछ ही सेकंड में बाहर का रास्ता साफ दिखना बंद हो सकता है, जिससे ड्राइविंग मुश्किल हो जाती है. यही वजह है कि कार में फ्रंट और रियर डिफॉगर का होना काफी काम आता है. यह कुछ ही देर में शीशों पर जमी धुंध साफ़ कर देता है. वहीं, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल केबिन का टेम्परेचर और नमी अपने आप बैलेंस रखता है.
क्वालिटी टायर
बरसात के मौसम में सिर्फ कार के एडवांस सेफ्टी फीचर्स ही आपकी सेफ्टी की गारंटी नहीं होते. सड़क पर मजबूत पकड़ देने वाले अच्छे टायर भी उतने ही जरूरी हैं. बेहतर वेट ग्रिप वाले टायर बारिश में ब्रेकिंग को ज्यादा असरदार बनाते हैं और कार के फिसलने या हाइड्रोप्लानिंग का खतरा काफी हद तक कम कर देते हैं.
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By Ankit Anand
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