SBI के पूर्व मैनेजर की 97.92 लाख की संपत्ति कुर्क, साहिबगंज और पटना में ईडी की बड़ी कार्रवाई

रांची स्थित ईडी का कार्यालय
Deoghar: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसबीआई के पूर्व मैनेजर मनोज कुमार की दो संपत्तियों को अटैच कर लिया है. पूर्व मैनेजर पर 5 करोड़ से अधिक के घोटाले का आरोप है.
प्रमुख संवाददाता
Deoghar: रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जोनल कार्यालय ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 97.92 लाख रुपये मूल्य की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच (कुर्क) कर लिया है. यह संपत्तियां साहिबगंज में पदस्थापित रहे एसबीआई के पूर्व ब्रांच मैनेजर मनोज कुमार और उनके परिजनों से जुड़ी बतायी गयी है.
साहिबगंज और पटना में संपत्ति कुर्क
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत की गयी है. जब्त संपत्तियों में झारखंड के साहिबगंज में एक रिहायशी मकान और बिहार के पटना में स्थित एक फ्लैट शामिल है. ईडी ने सीबीआई, एसीबी धनबाद और शिकारीपाड़ा थाना में दर्ज कई एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की थी. जांच में ईडी ने पाया कि मनोज कुमार अपने कार्यकाल के दौरान एसबीआई के विभिन्न ब्रांचों में पदस्थापित रहे थे. इस दौरान सरकारी पद का दुरुपयोग कर एक बड़ा वित्तीय घोटाला किया.
कई शाखाओं में पोस्टिंग के दौरान किया घोटाला
ईडी ने यह जांच कई प्राथमिकी और चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी. आरोपों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और लोक सेवक द्वारा भ्रष्टाचार शामिल हैं. जांच में सामने आया कि मनोज कुमार ने साहिबगंज, बरहेट बाजार, फुलबंगा और शिकारीपाड़ा सहित विभिन्न एसबीआई शाखाओं में पोस्टिंग के दौरान अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटाले को अंजाम दिया. उन्होंने सैकड़ों ग्राहकों, विशेषकर मृत या निष्क्रिय पेंशनधारकों और अशिक्षित किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के खातों से अवैध डेबिट ट्रांजैक्शन कर धन निकासी की.
एनजीओ और शेल कंपनियों के जरिए रकम छिपायी
जांच में यह भी पाया गया कि गबन की गयी राशि को कई मध्यस्थ खातों, एनजीओ और शेल कंपनियों के माध्यम से घुमाकर छिपाया गया. इस पूरे घोटाले से उत्पन्न अपराध की कुल राशि लगभग 5.40 करोड़ रुपये आंकी गयी है. फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है.
हाइलाइट्स
- साहिबगंज में पदस्थापित पूर्व बैंक मैनेजर पर ईडी की कार्रवाई.
- 97.92 लाख रुपये की दो संपत्तियां कुर्क.
- मृत/निष्क्रिय खातों से सैकड़ों अवैध ट्रांजैक्शन.
- 5.40 करोड़ के घोटाले में एनजीओ और शेल कंपनियों का इस्तेमाल.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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