Arrah News: भोजपुर में पंचायत सचिवों की हड़ताल से 57 हजार जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र लंबित, DM का आदेश भी बेअसर
Arrah News: जिलाधिकारी के आदेश को अकाउंटेंट ने नहीं माना, 57 हजार आवेदन लंबित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन रहें. जानिए पूरी खबर नीचे
Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह) आरा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. पंचायत सचिवों की हड़ताल के बाद सरकार के निर्देश पर पंचायतों में पदस्थापित अकाउंटेंट को प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अब तक अधिकांश पंचायतों में यह कार्य शुरू नहीं हो पाया है. इससे ग्रामीणों को लगातार प्रखंड और पंचायत कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
आईडी और पासवर्ड मिलने के बाद भी शुरू नहीं हुआ काम
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला सांख्यिकी कार्यालय द्वारा सभी पंचायतों के अकाउंटेंट को यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करा दिया गया है. संबंधित अकाउंटेंट के ईमेल और मोबाइल पर इसकी जानकारी भी भेजी गई है। इसके बावजूद कई पंचायतों में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का कार्य शुरू नहीं किया गया है.
महत्वपूर्ण कार्य हो रहे प्रभावित
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के अभाव में लोगों के कई जरूरी कार्य अटक गए हैं। बच्चों के विद्यालयों में नामांकन से लेकर जमीन, बैंक और अन्य सरकारी प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिल रही है.
4 अप्रैल से हड़ताल पर हैं पंचायत सचिव
जानकारी के अनुसार 4 अप्रैल से पंचायत सचिव हड़ताल पर हैं. इसके बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो गई है. हालांकि शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय के माध्यम से प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं. पहले प्रखंड कार्यालय में आवेदन जमा कर संबंधित प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता था। मई 2025 से सरकार ने पंचायत भवन स्तर पर आवेदन लेने और वहीं से प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था लागू की थी। पंचायत सचिवों को जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार बनाया गया था.
जिले में 14 प्रखंड और 225 पंचायतें
भोजपुर जिले में कुल 14 प्रखंड और 225 पंचायतें हैं। औसतन प्रतिदिन करीब 2250 आवेदन जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आते हैं। 4 अप्रैल से 17 मई तक लगभग 57 हजार आवेदन लंबित होने का अनुमान है.
क्या कहते हैं जिला सांख्यिकी पदाधिकारी
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी मदन नारायण सिंह ने कहा कि सभी अकाउंटेंट को आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध करा दिया गया है। यदि उनके द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.
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By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
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