भरत तिवारी के परिजनों से मिले विधान परिषद सभापति, बोले- 'भरत मेरे परिवार के सदस्य जैसे थे' मुख्यमंत्री से करेंगे चर्चा
परिजनों से मिलते अवधेश नारायण सिंह
Bharat Tiwari Encounter : बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने शाहपुर के बिलौटी गांव पहुंचकर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने दुख की इस घड़ी में परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया और कहा कि भरत तिवारी समाजहित में कार्य करने वाले समर्पित युवा थे. साथ ही पूरे मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की बात भी कही.
आरा से दीनानाथ मिश्रा की रिपोर्ट
Bharat Tiwari Encounter : बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह रविवार को शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंचे और दिवंगत भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी. इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन
परिजनों से मुलाकात के दौरान सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि इस दुखद घटना से वह बेहद व्यथित हैं और भरत तिवारी के परिवार के साथ हमेशा खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ वह पड़ोसी क्षेत्र से भी जुड़े हैं, इसलिए इस परिवार का दर्द वह अच्छी तरह समझ सकते हैं.
मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे मामला
सभापति ने कहा कि बिलौटी से लौटने के बाद वह पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय और आवश्यक सहायता मिल सके. उन्होंने कहा कि सरकार स्तर पर जो भी संभव होगा, उसके लिए प्रयास किया जाएगा.

समाजसेवा के लिए याद किए जाएंगे भरत तिवारी
अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि भरत तिवारी उनके परिवार के सदस्य जैसे थे. वह हमेशा समाज और जनहित के मुद्दों के लिए आगे रहते थे. अपनी व्यक्तिगत चिंताओं से ऊपर उठकर समाज की समस्याओं को प्राथमिकता देना उनकी पहचान थी.

परिजनों को बंधाया ढांढस
सभापति ने परिजनों को धैर्य रखने की सलाह देते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और हर स्तर पर सहयोग किया जाएगा.
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लेखक के बारे में
By Nikhil Anurag
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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