रांची : फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआइ) के आठ कार्यकारिणी सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. पांच सदस्यों ने 12 मई और तीन ने 25 अप्रैल को ही इस्तीफा सौंपा है. इस्तीफा देनेवालों में अनिल अग्रवाल, काशी प्रसाद कनोई, किशोर मंत्री, प्रदीप कुमार जैन, पूजा ढाढ़ा, राहुल साबू, आरडी सिंह व सुरेश चंद्र अग्रवाल शामिल हैं. सभी ने उपेक्षा का आरोप लगाया है.
अनदेखी की गयी : होटल ट्राइडेंट इन में शनिवार को आरडी सिंह व प्रदीप जैन ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया : चेंबर चुनाव में जीत के बाद न ही पद दिया गया और न ही उपसमिति की जिम्मेवारी साैंपी गयी. तब भी कोई तकलीफ नहीं हुई. कहा कि वर्तमान अध्यक्ष विनय अग्रवाल व महासचिव रंजीत गाड़ोदिया ने हर सदस्यों को बार-बार अपमानित किया. इन सदस्यों में अधिकतर पूर्व महासचिव और पूर्व उपाध्यक्ष भी रहे हैं. लेकिन इनकी अनदेखी की गयी.
उन्होंने आरोप लगाया कि कभी भी इनसे कोई राय तक नहीं ली गयी. कई बार बैठकों में जाने से रोका गया. 50 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज तक ऐसी स्थिति कभी नहीं आयी. चेंबर के इतिहास में यह पहली घटना है, जब एक साथ आठ सदस्यों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि एक दल विशेष चेंबर की सत्ता पर कब्जा बनाये रखना चाहता है. उन्होंने भविष्य के अध्यक्षों के नाम की घोषणा पहले से कर रखी है. चेंबर के सदस्यों ने हम सभी पर भरोसा जताया था. व्यवसायियों को हमारी जहां भी जरूरत होगी, हम आगे आकर काम करेंगे. मौके पर अनिल अग्रवाल, काशी कनोई, अमरजीत गिरधर, राहुल साबू आदि भी मौजूद थे.
आरोप निराधार
इस्तीफा चेंबर को मिला है. इस्तीफा मिलने के बाद काफी समझाया गया, लेकिन वे नहीं माने. अब आगे नियम संगत कार्रवाई की जायेगी. जितने भी आरोप लगाये गये हैं, वे सारे निराधार हैं.
-विनय अग्रवाल, अध्यक्ष, झारखंड चेंबर
