सिंधुरत्न हादसा : 96 घंटे पहले लेफ्टिनेंट ने कहा था, हम बम पर तैरते हैं सर

Published at :04 Mar 2014 9:42 AM (IST)
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सिंधुरत्न हादसा : 96 घंटे पहले लेफ्टिनेंट ने कहा था, हम बम पर तैरते हैं सर

आइएनएस सिंधुरत्न हादसे की जांच जैसे-जैसे बढ़ रही है, नौसेना और रक्षा विभाग की लापरवाही सामने आ रही है. जांच में पता चला है कि यदि नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी चाहते, तो यह हादसा टल सकता था. खबर है कि लेफ्टिनेंट मनोरंजन कुमार ने 96 घंटे पहले पश्चिमी कमांड के अपने सीनियर से कहा था […]

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आइएनएस सिंधुरत्न हादसे की जांच जैसे-जैसे बढ़ रही है, नौसेना और रक्षा विभाग की लापरवाही सामने आ रही है. जांच में पता चला है कि यदि नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी चाहते, तो यह हादसा टल सकता था.

खबर है कि लेफ्टिनेंट मनोरंजन कुमार ने 96 घंटे पहले पश्चिमी कमांड के अपने सीनियर से कहा था कि सिंधुरत्न और इसकी सहयोगी पनडुब्बियों को ऑपरेट करना बम पर तैरने जैसा है. 22 फरवरी को नेवल ऑफिसर्स मेस में उनकी अफसर से आखिरी बात हुई थी. अफसर ने मनोरंजन से हुई बातचीत का ब्योरा ई-मेल के जरिये साथियों से साझा की है. इसके मुताबिक, लेफ्टिनेंट मनोरंजन यह जानते हुए कि इसे ऑपरेट करना खतरनाक है, सिंधुरत्न पर वह ड्यूटी पर गये, क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं था.

अफसर ने निजी न्यूज चैनल से कहा कि मनोरंजन ने कहा था, सर, इन पनडुब्बियों की बैटरी इतनी पुरानी हो चुकी हैं कि इसे चार्ज करने में 10 गुना समय लगता है. 10 गुना मेहनत के बाद भी 10 गुना गैस निकलता है. हाइड्रोजन बर्नर भी काम नहीं कर रहे. इस अफसर ने उनसे पूछा कि इस मसले को कमांड के सामने क्यों नहीं उठाया, तो मनोरंजन का जवाब था, सर, सभी को पता है. कमांडरों की कॉन्फ्रेंस में यह मुद्दा उठा था.

* अफसरों में आक्रोश

नेवी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हादसों से नौसेना अधिकारियों व नाविकों में आक्रोश है. नौसेना मुख्यालय को सामूहिक जिम्मेवारी लेनी चाहिए. रक्षा मंत्रालय एकीकृत कमांड मुख्यालय है, लेकिन वह कोई जिम्मेवारी नहीं लेता. रक्षा मंत्री भी नहीं. कहा कि नौसेना में दोयम दर्जे की पनडुब्बियां हैं, तो इसके लिए मंत्रालय और अफसर जिम्मेदार हैं, नौसेना नहीं.

* गुस्से में मनोरंजन के माता-पिता

लेफ्टिनेंट मनोरंजन के माता-पिता गुस्से में हैं. मां रुक्मिणी देवी ने कहा कि सरकार उन्हें क्या देगी? क्या सरकार उन्हें उनका बेटा वापस दे सकती है? नहीं. ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में सरकार को काम करना चाहिए. वहीं, पिता नवीन कुमार ने कहा कि पनडुब्बी ही नहीं, हर जरूरी साज-ओ-सामान की समयबद्ध जांच होनी चाहिए.

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