Lucknow Fire: बेटे की आखिरी पुकार..पापा, आग लग गयी है, बचा लीजिये…

Edited by Amitabh Kumar
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लखनऊ में तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग (Photo: PTI)

Lucknow Fire : लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार (22 जून) को एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई. हादसे में छात्रों समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई. आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

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Lucknow Fire : एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली, जिनमें अधिकांश छात्र थे. आग इतनी तेजी से फैली कि जान बचाने के लिए कई छात्रों को छत से छलांग लगानी पड़ी. घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया. हादसे के बाद से कई परिवार अपने बच्चों की तलाश में अस्पतालों और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं.

आलमबाग निवासी पारिजोत सिंह ने बताया कि उनके बेटे का फोन आया था. उसने घबरायी आवाज में कहा कि पापा, आग लग गयी है, मुझे बचा लीजिए. इसके बाद परिवार घटनास्थल पहुंचा, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली. देर रात तक बेटे के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से परिवार की बेचैनी और बढ़ गयी.

हर तरफ आग की लपटें और धुआं-धुआं

घटनास्थल के पास से गुजर रहे लोगों ने बताया कि आग की लपटें और धुआं दूर से दिखाई दे रहा था. स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत के अंदर कई छात्र फंसे हुए थे. कुछ लोगों ने आशंका जतायी कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी.

मां की आंखों के सामने बुझ गयी बेटे की जिंदगी

अलीगंज निवासी आदित्य श्रीवास्तव की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया. बेटे से मिलने बिसवां से पहुंचीं उनकी मां के सामने ही हादसा हो गया. परिजन उसे बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली. मामा रविन्द्र श्रीवास्तव ने इस हादसे के लिए सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल उठाये.

यह भी पढ़ें : लखनऊ अग्निकांड: चीख-पुकार के बीच छात्रों समेत 15 लोगों की मौत, लपटों से बचने के लिए छत से कूदे थे युवक

पोस्टमार्टम हाउस में गूंजती रहीं चीखें

पोस्टमार्टम हाउस का दृश्य बेहद मार्मिक रहा. अपने बेटों और परिजनों को खो चुके परिवारों की चीखें हर किसी को विचलित कर रही थीं. कई घरों के कमाने वाले और सपनों को संजोए युवा इस हादसे की भेंट चढ़ गये. अलीगंज अग्निकांड ने न केवल कई परिवारों की खुशियां छीन लीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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