Who is Sushila Karki: नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनकर रचा इतिहास, जानिए कौन हैं सुशीला कार्की
Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Sep 2025 10:46 PM
Sushila Karki : सुशीला कार्की बनीं नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री
Who is Sushila Karki: जुलाई 2016 में कार्की को नेपाल का 24वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और वह इस पद पर आसीन होने वाली पहली और अब तक की एकमात्र महिला बनीं. कार्की लगभग 11 महीने तक इस पद पर रहीं. वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी ने कहा, ‘‘ उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता वाली एक साहसी और निष्पक्ष न्याय की वकालत करने वाली महिला की छवि बनाई है.
Who is Sushila Karki: आज से करीब 50 साल पहले बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राजनीति विज्ञान की पढ़ाई करने वाली छात्रा सुशीला कार्की के बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आने वाले समय में ये नेपाल की प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच देंगी. लेकिन समय और परिस्थिति सब करा देती है. नेपाल के सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की अब नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बन चुकी हैं. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल समेत नेपाल के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने शुक्रवार को नेपाल की प्रधानमंत्री पद की शपथ ली.
साल 2016 में बनी थीं मुख्य न्यायाधीश
जुलाई 2016 में कार्की को नेपाल का 24वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और वह इस पद पर आसीन होने वाली पहली और अब तक की एकमात्र महिला बनीं. कार्की लगभग 11 महीने तक इस पद पर रहीं. वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी ने कहा, ‘‘ उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता वाली एक साहसी और निष्पक्ष न्याय की वकालत करने वाली महिला की छवि बनाई है. एक साहसी और दृढ़ निश्चय न्यायाधीश के रूप में, वह भ्रष्टाचार के विरुद्ध मजबूती से खड़ी रही हैं.’’ कार्की को तत्कालीन प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा सरकार द्वारा पेश किए गए महाभियोग प्रस्ताव का भी सामना करना पड़ा था, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया था. कई पक्षों ने इस प्रस्ताव को राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण माना था.
BHU से की थी स्नातकोत्तर की पढ़ाई
सुशीला कार्की का जन्म 7 जून 1952 को पूर्वी नेपाल के विराटनगर के शंकरपुर-3 में हुआ था. यह भारत के पास स्थित है. उन्होंने 1971 में महेंद्र मोरंग परिसर-त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल से स्नातक की डिग्री और 1975 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की. इसके बाद उन्होंने 1978 में त्रिभुवन विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की. कार्की ने न्यायिक पेशे में 32 साल बिताए और न्यायपालिका के क्षेत्र में महिलाओं की प्रगति का प्रतीक बन गईं. उन्होंने 1979 में विराटनगर में अपनी वकालत शुरू की, जहां उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके कानूनी करियर को आकार दिया.
साधारण परिवार से रखती है ताल्लुक
1985 में कार्की को महेंद्र मल्टीपल कैंपस, धरान में सहायक शिक्षक के रूप में भी नियुक्त किया गया. कार्की 2007 में वरिष्ठ अधिवक्ता बनीं और 2009 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में तदर्थ न्यायाधीश नियुक्त किया गया. 18 नवंबर 2010 को वह स्थायी न्यायाधीश बनीं. कार्की अपने माता-पिता की सात संतानों में सबसे बड़ी हैं और विराटनगर के एक साधारण किसान परिवार में पली-बढ़ीं. उनका विवाह नेपाली कांग्रेस के पूर्व लोकप्रिय नेता दुर्गा प्रसाद सुबेदी से हुआ है. दोनों की मुलाकात बीएचयू में पढ़ाई के दौरान हुई थी. (इनपुट भाषा)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










