गाम्बिया के बाद उज्बेकिस्तान में भारतीय कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत! WHO ने कही यह बात

Published by :Pritish Sahay
Published at :29 Dec 2022 10:21 AM (IST)
विज्ञापन
गाम्बिया के बाद उज्बेकिस्तान में भारतीय कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत! WHO ने कही यह बात

उज्बेकिस्तान की और से आरोप लगाया जा रहा है कि भारतीय दवा कंपनी की कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत हो गयी है. उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि जांच में सिरप में एक दूषित तत्व पाया गया है. वहीं, WHO ने भी कहा कि वो सहयोग करने के लिए तैयार है.

विज्ञापन

अफ्रीकी देश गाम्बिया के बाद अब उज्बेकिस्तान की और से आरोप लगा है कि भारतीय दवा कंपनी का कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत हो गयी है. मामले को लेकर उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय का एक बयान आया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि भारतीय दवा कंपनी के सिरप पीने के बाद 18 बच्चों की मौत हो गयी है. यह आरोप फार्मास्यूटिकल कंपनी मैरियन बायोटेक की एक कफ सिरप पर लगा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया दावा: उज्बेकिस्तान के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय का यह दावा है कि फार्मास्यूटिकल कंपनी मैरियन बायोटेक की एक कफ सिरप, डॉक 1-मैक्स (Doc-1 Max) पीने से देश के 18 बच्चों की जान चली गई. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि जांच में यह बात सामने आयी है कि कप सिरप पीने के बाद बच्चों की मौत हुई है. बता दें, डॉक 1-मैक्स कफ सिरप को नोएडा की मैरियन बायोटेक तैयार करती है.

दूषित थिलीन ग्लाइकोल होने का पता चला: उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कफ सिरप के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद इसकी लैब जांच की गई. जांच में पता चला है कि मैरियन बायोटेक डॉक1-मैक्स कफ सिरप में दूषित एथिलीन ग्लाइकोल पाई गई है. वहीं, उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत मामले में डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि वह मामले में आगे की जांच में सहायता करेगा.

Also Read: Philippines Floods: आफत की बरसात ने मचाई तबाही, 25 से ज्यादा लोगों की मौत, दर्जनों लापता

गाम्बिया में हुई थी 66 बच्चों की मौत: गौरतलब है कि इससे पहले अफ्रीकी देश गाम्बिया में तथाकथित भारतीय कफ सिरप पीने से 66 बच्चों की मौत का मामला सामने आया था. हालांकि, मामले को लेकर भारत सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने जांच कराई थी जिसमें कफ सिरप में कोई दोष नहीं होने की बात सामने आयी थी. जांच के बाद केंद्र सरकार ने कफ सिरप बनाने वाली कंपनी मेडेन फार्मा के कफ सिरप को क्लीन चिट दे दी थी. 

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola