गाम्बिया में बच्चों की मौत मामले में मेडन फार्मा को क्लीन चिट, केंद्र सरकार ने कहा- सिरप में मिलावट नहीं

Published by : Pritish Sahay Updated At : 15 Dec 2022 9:29 PM

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भारतीय कफ सिरप पीने से अफ्रीकी देश गाम्बिया में तथाकथित 66 बच्चों की मौत मामले में मेडन फार्मा केन्द्र सरकार ने बड़ी राहत देते हुए क्लीन चिट दे दी है. राज्यसभा में सरकार ने कहा कि जांच कमेटी के आधार पर सिरप में कोई मिलावट नहीं थी.

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अफ्रीकी देश गाम्बिया में तथाकथित भारतीय कफ सिरप पीने से 66 बच्चों की मौत मामले में मेडन फार्मा कंपनी को बड़ी राहत मिली है. कंपनी को केन्द्र सरकार ने क्लीन चिट दे दी है. केन्द्र सरकार ने कहा कि जांच में सिरप में किसी किस्म की मिलावट नहीं पाई गई है. सिरप की क्वालिटी भी स्टैंडर्ड है. राज्य सभा में जवाब देते हुए केन्द्र सरकार ने यह बात कही है.

सिरप में नहीं पाई गई खामी: केन्द्र सरकार ने राज्य सभा में जवाब देते हुए कहा कि कफ सिरप की जांच में कोई खामी नहीं पाई गई है. केन्द्र में बताया कि मेडन फार्मा कंपनी की सीरत पर आरोप लगने के बाद जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से डॉ वाईके गुप्ता की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई थी. समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सिरप की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है.

कफ सिरप के उत्पादन पर लग गया था रोक: गौरतलब है कि अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से मेडन फार्मास्युटिकल्स के चार कफ सिरप के खिलाफ मेडिकल अलर्ट जारी किया गया था. डब्ल्यूएचओ का कहना था कि मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की ओर से दूषित और कम गुणवत्ता वाले कफ सिरप गांबिया में बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. जिसके बाद हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के कफ सिरप के उत्पादन पर रोक लगा दी थी.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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