क्या थके सैनिकों ने USS जेराल्ड आर. फोर्ड में लगाई आग? 9 महीने से समंदर में है तैनात

Updated at : 18 Mar 2026 1:18 PM (IST)
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USS Gerald R Ford

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर फोर्ड

USS Gerald R Ford: अमेरिकी नौसेना इस बात की जांच कर रही है कि एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर फोर्ड पर लगी आग कहीं जानबूझकर तो नहीं लगाई गई थी. पश्चिम एशिया में तैनाती के दौरान सैनिकों के मनोबल और काम के भारी दबाव को लेकर अब कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.

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USS Gerald R Ford: अमेरिकी नौसेना के बयानों के अनुसार, आग लॉन्ड्री सेक्शन के एक ड्रायर वेंट से शुरू हुई और वेंटिलेशन सिस्टम के जरिए पूरे जहाज में फैल गई. यह आग ई 16 मार्च 2026 की देर रात लगी थी. इसे पूरी तरह बुझाने में घंटों लग गए. ‘द इंटरनेशनल बिजनेस टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या चालक दल की किसी हरकत चाहे वो जानबूझकर की गई हो या लापरवाही, ने इसमें भूमिका निभाई. 

आग लगने की वजह से जहाज के कुछ हिस्सों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ सैनिकों को अपने कमरे छोड़कर कामचलाऊ जगहों पर सोना पड़ा. इस घटना में दो सैनिक घायल हुए हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि जहाज के इंजन और युद्धक क्षमता को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. यह जहाज पिछले 9 महीनों से समंदर में है और ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच लाल सागप में तैनात था. अब ‘द गार्जियन’ के अनुसार, मरम्मत के लिए जहाज को क्रीट भेजा जा रहा है.

सैनिकों पर बढ़ता तनाव और हताशा 

नौसेना के सूत्रों के अनुसार, लंबे समय तक समुद्र में रहने और लगातार ड्यूटी की वजह से सैनिकों में काफी गुस्सा है. पिछली रिपोर्ट्स बताती हैं कि 9 महीने की लंबी तैनाती के दौरान सैनिक अपने परिवार के अंतिम संस्कार तक में शामिल नहीं हो पाए. खराब टॉयलेट्स और गिरते मनोबल की वजह से कई लोग तो नौकरी छोड़ने का मन बना चुके हैं. अधिकारियों को शक है कि इसी हताशा में किसी ने ‘सबोटेज’ यानी तोड़फोड़ की कोशिश की होगी.

अच्छा चल रहा है ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य ऑपरेशन बहुत अच्छा चल रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे. ट्रंप ने कहा कि ईरान में जो तबाही हुई है, उसे ठीक करने में कम से कम 10 साल लगेंगे. उन्होंने कहा, “हम उन्हें परमाणु हथियार नहीं लेने दे सकते, क्योंकि वे खुशी-खुशी इसका इस्तेमाल कर लेते.” वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि उस इलाके में बहुत सारे आतंकवादी और मिलिशिया ग्रुप हैं और उन्हें खत्म करना जरूरी है.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भारी बमबारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ‘X’ पर जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने ईरान के तट पर बने मजबूत मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड (लगभग 2,267 किलो) के ‘डीप पेनेट्रेटर’ बमों से हमला किया है. ये ठिकाने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास थे, जो अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बने हुए थे.

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ईरानी सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत

स्टेट ब्रॉडकास्टर ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, इजरायली और अमेरिकी हमलों में ईरान के टॉप सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की मौत हो गई है. वह सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव थे. इस हमले में उनके बेटे मुर्तजा लारीजानी और डिप्टी अलीरेजा बयात की भी जान चली गई है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि लारीजानी एक महान व्यक्ति थे और उनकी जगह भरना मुश्किल है. उन्होंने चेतावनी दी कि इन अपराधी आतंकियों से इसका कड़ा बदला लिया जाएगा.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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