अमेरिका में वीजा पाने के लिए रची फर्जी डकैती, 11 भारतीयों पर एक्शन
एआई इमेज.
US Visa Fraud Case: अमेरिका में रह रहे 11 भारतीयों पर वीजा फ्रॉड का बड़ा आरोप लगा है. जांच में खुलासा हुआ कि इन लोगों ने कानूनी तौर पर अमेरिका में रहने और ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए अपनी ही दुकानों पर लूट का नाटक रचा था. अब इस साजिश में शामिल सभी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
US Visa Fraud Case: अमेरिकी फेडरल प्रॉसीक्यूटर्स ने 11 भारतीय नागरिकों पर वीजा धोखाधड़ी की साजिश रचने का आरोप लगाया है. ये सभी लोग अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे थे. आरोप है कि इन्होंने ‘यू वीजा’ (U visa) हासिल करने के लिए अपनी दुकानों पर बंदूक की नोक पर लूटपाट का झूठा नाटक किया.
कैसे रची गई पूरी साजिश?
अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) के मुताबिक, यह खेल मार्च 2023 से चल रहा था. इसमें मैसाचुसेट्स और अन्य जगहों पर मौजूद कन्वीनियंस स्टोर्स, शराब की दुकानों और फास्ट-फूड आउटलेट्स को चुना गया. साजिश के तहत, एक व्यक्ति ‘लुटेरा’ बनकर आता था और नकली हथियार दिखाकर दुकान के क्लर्क को धमकाता था. इसके बाद वह काउंटर से पैसे लेकर भाग जाता था. यह सब सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड किया जाता था ताकि सबूत मजबूत दिखे. पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने से पहले क्लर्क या मालिक करीब 5 मिनट का इंतजार करते थे ताकि लुटेरे को भागने का मौका मिल सके.
यू वीजा का गलत फायदा उठाने की कोशिश
यू वीजा उन लोगों को दिया जाता है जो अमेरिका में किसी गंभीर अपराध के शिकार हुए हों और पुलिस की जांच में मदद करते हैं. इस वीजा का फायदा यह है कि इससे पीड़ित को अमेरिका में रहने और काम करने का कानूनी हक मिलता है. इतना ही नहीं, 5 से 10 साल बाद इसके जरिए ‘ग्रीन कार्ड’ (स्थायी नागरिकता) के लिए भी आवेदन किया जा सकता है. जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी वीजा पाने की इसी शॉर्टकट प्रक्रिया का फायदा उठाना चाहते थे.
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कौन-कौन हैं आरोपी?
इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में जितेंद्रकुमार पटेल (39), महेशकुमार पटेल (36), संजयकुमार पटेल (45), दीपिकाबेन पटेल (40), रमेशभाई पटेल (43), अमिताबहन पटेल (43), रोनककुमार पटेल (28), संगीताबेन पटेल (36), मिंकेश पटेल (42), सोनल पटेल (42) और मितुल पटेल (40) शामिल हैं. ये सभी मैसाचुसेट्स, केंटकी और ओहियो जैसे राज्यों में अवैध रूप से रह रहे थे.
इनमें से 6 आरोपियों को मैसाचुसेट्स में गिरफ्तार कर बोस्टन की अदालत में पेश किया गया. बाकी आरोपियों को केंटकी, मिसौरी और ओहियो से पकड़ा गया है. वहीं, दीपिकाबेन पटेल को भारत डिपोर्ट कर दिया गया है.
क्या हो सकती है सजा?
अधिकारियों के अनुसार, साजिश का मुख्य आयोजक (Organizer), ‘लुटेरा’ बनने वाला व्यक्ति और गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर पहले ही पकड़े जा चुके हैं और उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है. अब इन 11 नए आरोपियों पर वीजा धोखाधड़ी की साजिश का केस चल रहा है. अगर ये दोषी पाए जाते हैं, तो इन्हें 5 साल तक की जेल, 3 साल की सुपरवाइज्ड रिलीज और 2.5 लाख डॉलर (करीब 2.1 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना हो सकता है.
जांच में यह भी सामने आया है कि ‘पीड़ित’ बनने के लिए हर व्यक्ति ने आयोजक को पैसे दिए थे, और दुकान के मालिकों को भी अपनी जगह इस्तेमाल करने के बदले मुआवजा दिया जाता था.
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By Govind Jee
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