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US में भारत से जुड़े ड्रग नेटवर्क पर एक्शन; 200 से ज्यादा वेबसाइट्स बंद, नकली दवाओं से हुई मौतें

Updated at : 05 Feb 2026 9:42 AM (IST)
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US DEA Shuts Illegal Online Pharmacies

अमेरिका ने बंद की भारत से जुड़ी फर्जी फार्मेसी.

US DEA Shuts Illegal Online Pharmacies: अमेरिका की ड्रग एजेंसी DEA ने भारत से चल रहे एक बड़े अवैध ऑनलाइन दवा नेटवर्क को बेनकाब किया है. बिना पर्चे के नकली दवाइयां बेचने वाली 200 से ज्यादा वेबसाइट्स को बंद कर 4 आरोपियों को दबोचा गया है. इन दवाओं से 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. जानिए कैसे भारतीय और अमेरिकी एजेंसियां मिलकर इस खतरनाक इंटरनेशनल सिंडिकेट को खत्म कर रही हैं.

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US DEA Shuts Illegal Online Pharmacies: अमेरिका की ड्रग एजेंसी DEA (ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन) ने एक बहुत बड़े अवैध ऑनलाइन फार्मेसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. यह नेटवर्क भारत से संचालित हो रहा था और बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के नकली दवाइयां बेच रहा था. इस मामले में अब तक 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और 200 से ज्यादा वेबसाइट्स को सील कर दिया गया है.

भारत से जुड़ा है पूरा कनेक्शन

DEA की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा खेल एक ‘ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन’ (TCO) चला रहा था, जिसके तार भारत से जुड़े हैं. यह ग्रुप इंटरनेट का फायदा उठाकर अमेरिका के हेल्थकेयर सिस्टम में सेंध लगा रहा था. DEA एडमिनिस्ट्रेटर टेरेंस कोल के अनुसार, ये विदेशी तस्कर अमेरिका के अंदर मौजूद अपने साथियों की मदद से ‘वैध व्यापार’ के नाम पर खतरनाक ड्रग्स की सप्लाई कर रहे थे.

6 लोगों की मौत के बाद एक्शन में आई पुलिस

यह जांच 2022 से चल रही थी. DEA के रॉकी माउंटेन फील्ड डिवीजन ने पाया कि इस नेटवर्क द्वारा बेची गई नकली दवाइयों की वजह से अमेरिका में कम से कम 6 लोगों की जान जा चुकी है और 4 लोग ओवरडोज का शिकार हुए हैं. इसके बाद 27 जनवरी 2026 से पूरे अमेरिका में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की गई.

कैसे चलता था यह फर्जीवाड़ा?

DEA की जांच में सामने आया कि ये वेबसाइट्स लाखों ऑर्डर्स ले रही थीं. ये बिना किसी वैलिड पर्चे के ऐसी दवाइयां बेच रहे थे जो असल में नकली थीं या जिन्हें बिना कड़ी निगरानी के नहीं बेचा जा सकता.

सस्पेंशन ऑर्डर्स: प्रशासन ने 5 ‘इमीडिएट सस्पेंशन ऑर्डर’ और एक ‘शो कॉज’ नोटिस जारी किया है. यह उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई है जो दवाइयां बेचने के लिए रजिस्टर्ड तो थे, लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे.

20 हजार लेटर: पुलिस ने उन 20,000 ग्राहकों को लेटर लिखकर जानकारी मांगी है जिन्होंने इन साइट्स से दवाइयां खरीदी थीं.

DEA ने पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को चेतावनी दी है कि वे ऑनलाइन दवा खरीदते समय सावधान रहें. एजेंसी के मुताबिक, ये वेबसाइट्स अक्सर ऐसी गोलियां बेचती हैं जिनमें फेंटानिल (Fentanyl) जैसा खतरनाक पदार्थ होता है.

इन बातों का रखें ख्याल (DEA के अनुसार):

  • अगर दवा बिना डॉक्टर के पर्चे के मिल रही है, तो वह फर्जी हो सकती है.
  • बहुत कम कीमत या विदेशी करेंसी में रेट दिखना खतरे का संकेत है.
  • अगर वेबसाइट पर लाइसेंस की जानकारी नहीं है या दवा की पैकिंग खराब है, तो उसे न खरीदें.
  • दवा का रंग या शेप अगर सामान्य से अलग दिखे, तो उसे इस्तेमाल न करें.

भारत सरकार के साथ मिलकर कार्रवाई

DEA ने बताया कि वे इस खतरनाक नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए भारत सरकार की जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. अमेरिका के ‘कंट्रोल्ड सब्सटेंस एक्ट’ (CSA) के तहत बिना लाइसेंस और बिना पर्चे के दवा बेचना गंभीर अपराध है. टेरेंस कोल ने साफ किया कि ये तस्कर वैध सिस्टम के पीछे छिपकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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