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Thailand PM Election: ‘अंकल’ कहने पर हिली थाईलैंड की PM की कुर्सी, अब फिल्मी स्टाइल में चुना जाएगा नया प्रधानमंत्री

Updated at : 05 Sep 2025 4:04 PM (IST)
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Thailand PM Election

थाईलैंड के प्रधानमंत्री चुनाव

Thailand PM Election: थाईलैंड की राजनीति में सस्पेंस और ट्विस्ट! अनुतिन चर्नवीराकुल बनाम फियू थाई, थाकसिन शिनावात्रा का अचानक दुबई पलायन और शुक्रवार को संसद में प्रधानमंत्री चयन-जानिए पूरी खबर के बारे में.

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Thailand PM Election: थाईलैंड की राजनीति इन दिनों किसी बॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं है. देश की संसद शुक्रवार (5 सितंबर 2025) को नया प्रधानमंत्री चुनने जा रही है, लेकिन हालात इतने पेचीदा हैं कि भविष्य का अनुमान लगाना मुश्किल है. प्रधानमंत्री पेतोंगतार्न शिनावात्रा के नैतिक उल्लंघन के चलते पद से हटने के बाद सत्ता की दौड़ और तेज हो गई है. जनता और राजनीतिक दल दोनों ही यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा. सियासी हलचल की शुरुआत उस 17 मिनट की फोन कॉल से हुई, जिसमें पेतोंगतार्न शिनावात्रा ने कंबोडिया के सीनेट अध्यक्ष और पूर्व पीएम हुन सेन को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया और सीमा विवाद पर चर्चा की. 

इस बातचीत में उन्होंने थाई सेना के एक बड़े अधिकारी की आलोचना भी की. कॉल लीक होते ही थाईलैंड में राष्ट्रवादी भावनाएं भड़क उठीं. जुलाई 2025 में संवैधानिक अदालत ने 7-2 के बहुमत से पेतोंगतार्न को नैतिक उल्लंघन का दोषी ठहराया और पद से हटा दिया. यह विवाद उस 817 किलोमीटर लंबी सीमा से जुड़ा था, जो थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पांच दिन की सशस्त्र झड़प में बदल गई थी. अब संसद शुक्रवार (5 सितंबर 2025) को नया प्रधानमंत्री चुनेगी. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह दृश्य किसी सियासी ड्रामे से कम नहीं है और थाईलैंड की राजनीति में रोमांच और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. 

Thailand PM Election: अनुतिन चर्नवीराकुल, नए सियासी हीरो की बढ़त

भुमजैथाई पार्टी के 58 साल के नेता अनुतिन चर्नवीराकुल इस दौड़ में सबसे आगे हैं. उन्होंने 146 सांसदों का समर्थन हासिल किया है और विपक्षी पीपुल्स पार्टी के 143 सांसद भी उनके साथ हैं. 492 सदस्यों वाली संसद में बहुमत के लिए 247 वोट जरूरी हैं. अनुतिन ने वादा किया है कि अगर वे प्रधानमंत्री बने तो चार महीने के भीतर संसद भंग कर नए चुनाव कराएंगे. उन्होंने पहले भी विवादित नीतियों जैसे भांग को वैध कराने और कोविड-19 के दौरान स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर अपनी राजनीतिक रणनीति से सियासी चतुराई दिखाई है. यही वजह है कि वे इस दौड़ में शीर्ष स्थान पर हैं.

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फियू थाई पार्टी का अंतिम प्रयास

फियू थाई पार्टी, जो थाकसिन शिनावात्रा की मजबूत पकड़ रखती है, ने 77 साल के पूर्व अटॉर्नी जनरल और न्याय मंत्री चाइकासेम नितिसिरी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है. चाइकासेम ने कहा कि चुने जाने पर वह तुरंत संसद भंग करेंगे. पार्टी ने मंगलवार को राजा से संसद भंग करने की अपील की थी, लेकिन प्रिवी काउंसिल ने इसे ठुकरा दिया. अब फियू थाई की कोशिश अनुतिन के समर्थन को तोड़ने पर केंद्रित है. हालांकि, पीपुल्स पार्टी ने पहले से तय समझौते पर कायम रहने का संकेत दे दिया है.

थाकसिन शिनावात्रा का अचानक पलायन

थाईलैंड की राजनीति में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब पेतोंगतार्न के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा गुरुवार रात अपने निजी जेट से दुबई रवाना हो गए. थाकसिन, जिन्हें 2006 में सैन्य तख्तापलट के बाद सत्ता से हटाया गया था, 2008 से दुबई में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं. उनका यह कदम ऐसे समय पर हुआ जब अगले सप्ताह कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ जेल की सजा लागू होने का खतरा था. थाकसिन ने इसे सिंगापुर मेडिकल चेकअप का बहाना बताया, लेकिन उनका जेट सिंगापुर होते हुए भारत होकर दुबई पहुंचा. इससे राजनीतिक सस्पेंस और बढ़ गया है.

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संसद में सत्ता संघर्ष और गठबंधन

थाकसिन की पार्टी फियू थाई उनके प्रस्थान के बाद अस्तव्यस्त हो गई है. छह दिन पहले ही अदालत ने उनकी बेटी पेतोंगतार्न शिनावात्रा को नैतिक उल्लंघन के आरोप में प्रधानमंत्री पद से हटा दिया था, जिससे सत्ता संघर्ष तेज हो गया. भुमजैथाई पार्टी ने संसद में सबसे बड़ी शक्ति का समर्थन हासिल कर नए चुनाव का वादा किया है. अनुतिन चर्नवीराकुल के गठबंधन में 146 विधायक और पीपुल्स पार्टी के 143 वोट हैं, जिससे 247 वोट का बहुमत आसानी से बन सकता है. रंगसिट यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विज्ञान विशेषज्ञ वानविचित बून्‍प्रोंग का कहना है, “अनुतिन ने विपक्ष के साथ समझौता करके फियू थाई को मात दे दी है. मैं काफी आश्वस्त हूं कि अनुतिन अगला प्रधानमंत्री बनेंगे. फियू थाई की रणनीति अब केवल आखिरी प्रदर्शन जैसी रह गई है.”

आगे क्या होगा?

सियासी सस्पेंस अभी बरकरार है. अगर अनुतिन या चाइकासेम में से कोई भी बहुमत नहीं जुटा पाया, तो थाईलैंड में राजनीतिक गतिरोध और गहरा सकता है. इस दौड़ में अन्य तीन उम्मीदवार भी हैं, ऊर्जा मंत्री पिरापन सलीरथविभागा, पूर्व उप-प्रधानमंत्री जुरिन लक्सनाविसित और पूर्व प्रधानमंत्री प्रयुथ चान-ओचा. थाईलैंड की राजनीति का यह थ्रिलर अब अपने चरम पर है और इसका क्लाइमेक्स आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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