Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में ईंधन खत्म, बंद कराये गये स्कूल, ऑफिस आना भी मना
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 May 2022 9:31 AM
Sri Lanka Crisis: कोलंबो में फल बेचने वाली एक महिला ने बताया कि पता नहीं कि दो महीने के अंदर देश के हालात कैसे हो गये. देश में एक सिलिंडर की कीमत पांच हजार रुपये तक पहुंच गयी है. जबकि अप्रैल में यह कीमत 2,675 रुपये थी. उन्होंने कहा कि बिना गैस और भोजन के हम कैसे रहेंगे. अंत में हम भूख से मर जायेंगे.
श्रीलंका के अधिकारियों ने दशकों के सबसे खराब आर्थिक संकट के बीच ईंधन की भारी कमी के कारण शुक्रवार को यहां स्कूल बंद कर दिये. इतना ही नहीं, सरकारी अधिकारियों से ऑफिस नहीं आने की भी अपील की गयी है. लोक प्रशासन मंत्रालय ने आवश्यक सेवाओं को बनाये रखने वालों को छोड़कर, बाकी सरकारी अधिकारियों से देश भर में मौजूदा ईंधन की कमी के मद्देनजर शुक्रवार को काम पर नहीं आने के लिए कहा. राज्य और सरकार द्वारा अनुमोदित निजी स्कूल भी ईंधन की बढ़ती कमी के बीच शुक्रवार को बंद कर दिये गये. हजारों लोग ईंधन केंद्रों पर कतारों में इंतजार कर रहे थे. श्रीलंका में पेट्रोल खत्म हो गया है और अन्य ईंधन की भी भारी कमी होने लगी है.
भूख से लोग बेहाल: श्रीलंका में आर्थिक और खाद्यान संकट के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. लोगों को जरूरी खाद्य पदार्थ नहीं मिल पा रहे हैं. कोलंबो में फल बेचने वाली एक महिला ने बताया कि पता नहीं कि दो महीने के अंदर देश के हालात कैसे हो गये. देश में एक सिलिंडर की कीमत पांच हजार रुपये तक पहुंच गयी है. जबकि अप्रैल में यह कीमत 2,675 रुपये थी. उन्होंने कहा कि बिना गैस और भोजन के हम कैसे रहेंगे. अंत में हम भूख से मर जायेंगे.
-
राष्ट्रपति राजपक्षे ने श्रीलंका में नौ नये कैबिनेट मंत्रियों को शपथ दिलायी
-
विश्व बैंक से 16 करोड़ डॉलर मिले, एडीबी से भी अनुदान मिलने की उम्मीद
-
सरकार को खर्च चलाने के लिए 2.4 ट्रिलियन श्रीलंकाई मुद्रा की है जरूरत
कर्ज भुगतान में हुई चूक डिफॉल्टर बना श्रीलंका: श्रीलंकाई केंद्रीय बैंक के गवर्नर पी नंदलाल वीरसिंघे ने गुरुवार को कहा कि देश अपने दो सॉवरेन बांड पर ब्याज भुगतान के लिए 30 दिनों की छूट अवधि खत्म होने के बाद कर्ज पर एहतियाती चूक की स्थिति में पहुंच गया. श्रीलंका 30 दिन की रियायत अवधि के बाद भी अंतरराष्ट्रीय सॉवरेन बांड का भुगतान करने में विफल रहा है. इसके बाद श्रीलंका को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया. बॉन्ड का भुगतान 18 अप्रैल तक करना था.
जी7 देश दिलायेंगे राहत: श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को जी7 देशों की इस घोषणा का स्वागत किया कि वे सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहे द्वीपीय देश को कर्ज से राहत दिलाने में मदद करेंगे. इस बीच, जापान सरकार ने शुक्रवार को श्रीलंका की मदद के लिए 15 लाख डॉलर का वित्त पोषण देने की घोषणा की. इस निधि का इस्तेमाल संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) करेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










