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Japan Population Crisis: भारत के मित्र देश में 'साइलेंट इमरजेंसी', 10 लाख लोगों की मौत हर साल

Updated at : 13 Aug 2025 4:04 PM (IST)
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AI IMAGE OF Japan Population Crisis

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Japan Population Crisis: जापान लगातार 16वें साल जनसंख्या गिरावट झेल रहा है. 2024 में जन्म दर ऐतिहासिक न्यूनतम रही और मौतें कहीं ज्यादा हुईं.

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Japan Population Crisis: दुनिया के कई देशों में जनसंख्या घटने का संकट गहराता जा रहा है और इसमें जापान प्रमुख उदाहरण बन चुका है. भारत का यह करीबी मित्र देश लगातार 16वें वर्ष आबादी में गिरावट दर्ज कर रहा है. वर्ष 2024 में यहां जनसंख्या में 9 लाख से अधिक की कमी आई. इसका सीधा मतलब है कि देश में जन्म लेने वालों की तुलना में मृत्यु दर कहीं अधिक है. यदि यही रुझान जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में जापान अस्तित्व के गंभीर संकट से गुजर सकता है.

जापान लंबे समय से स्वस्थ नागरिकों और दीर्घायु जीवन (लंबा जीवन) के लिए जाना जाता है, लेकिन युवाओं की घटती संख्या और तेजी से बढ़ते बुजुर्गों का अनुपात स्वास्थ्य तंत्र पर भारी दबाव डाल रहा है. प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने इसे “साइलेंट इमरजेंसी” बताते हुए कहा कि सरकार परिवार-हितैषी नीतियों को मजबूत करेगी, जैसे निःशुल्क चाइल्डकेयर और लचीले कार्य घंटे. हालांकि पहले से कई नीतियां लागू हैं, लेकिन बड़ी संख्या में महिलाएं बच्चे पैदा करने के लिए इच्छुक नहीं हैं.

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फिलहाल जापान की जन्मदर मात्र 1.2 है. 2024 में केवल 6,86,061 बच्चों का जन्म हुआ, जबकि 1.6 मिलियन लोगों की मौत हुई यानी हर एक जन्म पर दो मौतें. वर्तमान आबादी लगभग 12 करोड़ है और अगर यही स्थिति रही तो मानव संसाधन व अर्थव्यवस्था दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा. 1 जनवरी 2025 के आंकड़ों के अनुसार, कुल आबादी में 3% विदेशी हैं, बावजूद इसके जनसंख्या में 0.44% की गिरावट दर्ज हुई. अब 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग 30% हो चुके हैं, जो मोनाको के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा अनुपात है. वहीं कार्यशील आयु वर्ग (15–64 वर्ष) का हिस्सा घटकर 60% रह गया है, जो भविष्य में और कम हो सकता है.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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