Bangladesh News : शेख हसीना वापस जाएंगी बांग्लादेश? मुहम्मद यूनुस ने भारत के सामने रखी ये शर्त

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 05 Sep 2024 11:40 AM

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Sheikh Hasina go back to Bangladesh

Bangladesh News : अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने कहा कि भारत को हसीना को छोड़कर बाकी सब को इस्लामिक बताने वाले विमर्श से आगे बढ़ने की जरूरत है.

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Bangladesh News : बांग्लादेश में 5 अगस्त को तख्तापलट हुआ था. इसके आज एक महीने पूरे हो गए हैं. इस बीच अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने भारत पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि शेख हसीना भारत में हैं और वहां से बांग्लादेश पर राजनीतिक टिप्पणी कर रहीं है जो सही नहीं है. यदि भारत हसीना को तब तक अपने पास रखना चाहता है जब तक बांग्लादेश उन्हें वापस नहीं बुला ले, तो शर्त यह होगी कि उन्हें चुप रहना होगा. भारत को हसीना को छोड़कर बाकी सब को इस्लामिक बताने वाले विमर्श से आगे बढ़ने की जरूरत है.

ढाका में अपने आधिकारिक आवास पर एक इंटरव्यू के दौरान यूनुस ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ मजबूत संबंधों को महत्व देता है लेकिन नयी दिल्ली को उस विमर्श से आगे बढ़ना चाहिए जो अवामी लीग को छोड़कर शेष अन्य राजनीतिक दलों को इस्लामिक के रूप में चित्रित करता है और यह कि देश शेख हसीना के बिना अफगानिस्तान के समान हो जाएगा.

शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में कितने मामले दर्ज?

चार सितंबर को बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हत्या के दो और मामले दर्ज किए गए. इसके बाद उनके खिलाफ मुकदमों की कुल संख्या 94 हो गई है. 76 साल की हसीना ने पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था और भागकर भारत पहुंचीं थीं. अवामी लीग नेता हसीना के खिलाफ ज्यादातर मामले सरकारी नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ छात्रों के व्यापक प्रदर्शन के दौरान हत्याओं से जुड़े हैं. ‘डेली स्टार’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, 19 जुलाई को विरोध प्रदर्शन के दौरान ढाका के एक निवासी की हत्या का मामला बुधवार को हसीना और 26 अन्य लोगों पर दर्ज किया गया.

बांग्लादेश की अतंरिम सरकार ने किसे दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी?

इस बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की ओर से चेतावनी दी गई है कि वह देश में अस्थिरता पैदा करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी. ‘डेली स्टार’ अखबार में इसको लेकर खबर प्रकाशित की गई है. खबर के अनुसार, गृह मंत्रालय ने एक परिपत्र जारी कर चेतावनी दी है और अति उत्साही एवं स्वार्थी लोगों द्वारा जबरन इस्तीफे, तोड़फोड़, आगजनी, अवैध तलाशी, लूटपाट और जबरन वसूली से पैदा हो रही अस्थिरता पर चिंता व्यक्त की है.
(इनपुट पीटीआई)

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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