ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, भारतीय अर्थव्यवस्था को कुचलने का बयान देकर रहे थे चर्चा में

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डोनाल्ड ट्रंप के साथ लिंडसे ग्राहम

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया. साल 2025 में भारत के खिलाफ उन्होंने कई बयान दिए थे. भारत सहित चीन और ब्राजील पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का सुझाव देने के बाद भी चर्चा में बने रहे थे.

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Lindsey Graham Death: अमेरिकी सीनेटर और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वे सीनेटर (सांसद) के तौर पर दक्षिण कैरोलिना का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. उनके ऑफिस द्वारा रविवार को इसकी पुष्टि की गई. कार्यालय ने एक बयान में बताया कि सीनेटर का निधन रविवार की शाम हुआ. वे काफी दिनों से बीमार थे. हालांकि उनकी बीमारी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.

भारतीय अर्थव्यवस्था को कुचलने की धमकी

रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर ग्राहम ने भारत के खिलाफ कई विवादास्पद बयान दिए थे. उन्होंने भारत पर भारी आर्थिक दबाव बनाने के लिए 500% तक आयात शुल्क (Tariff) लगाने वाले विधेयक का भी पुरजोर समर्थन किया था. उन्होंने भारत, चीन और ब्राजील सहित रूस का सहयोग या उनसे तेल खरीदने को लेकर अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी थी.

लिंडसे का राजनीतिक जीवन

लिंडसे ग्राहम रिपब्लिकन पार्टी से 2003 से जुड़े हुए थे. उन्हें अमेरिका की वर्तमान राजनीति में प्रमुख राजनीतिक चेहरों में गिना जाता था. साल दर साल लिंडसे कई सांसद समितियों से जुड़े और अपनी पहचान राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के विशेषज्ञ के रूप में बनाई.

ट्रंप के आलोचक से बने समर्थक

डोनाल्ड ट्रंप की 2016 में चुनाव कैंपेनिंग के दौरान लिंडसे ग्राहम ट्रंप के आलोचक हुआ करते थे. वहीं बाद में वे ट्रंप के मुखर समर्थकों में शामिल हो गए और ट्रंप ने उन्हें रिपब्लिकन पार्टी में सबसे करीबी सहयोगी बना लिया. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपतियों की पॉलिसी का अक्सर समर्थन किया और रूढ़िवादी नेताओं के बीच एक प्रभावशाली आवाज बने रहे.

अमेरिकी सेना के वकील भी रहे

सीनेट में शामिल होने से पहले, ग्राहम ने 1995 से 2003 तक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में सेवा दी. वे कानूनी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते थे और उन्होंने अमेरिकी वायु सेना रिजर्व में सैन्य वकील के रूप में भी काम किया था.


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आलोक पाठक

लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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