1. home Hindi News
  2. world
  3. pm modi visits japan to attend quad summit china says indo pacific strategy bound to fail vwt

क्वाड शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए पीएम मोदी गए जापान, पाकिस्तान के साथ मिलकर बौखलाया चीन

क्वाड समूह को अमेरिका, जापान, भारत और आस्ट्रेलिया ने मिलकर बनाया है, जो खुले और मुक्त इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) की भावना पर बल देता है. हालांकि, चीन उस क्षेत्र को एशिया-पैसिफिक क्षेत्र कहता है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
क्वाड शिखर सम्मेलन 2022: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
क्वाड शिखर सम्मेलन 2022: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
फोटो : ट्विटर

नई दिल्ली : जापान के टोक्यो में दो दिवसीय क्वाड सम्मेलन का आयोजन किया गया है. क्वाड सम्मेलन मंगलवार 24 मई से शुरू होगा. इसमें शामिल होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टोक्यो पहुंच गए हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि टोक्यो में आयोजित हो रहे क्वाड शिखर सम्मेलन से चीन की बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है. उसने धमकी दी है कि यह क्वाड कभी भी सफल नहीं हो सकता. इसका कारण यह है कि अमेरिका ने चीन को नियंत्रित करने के लिए यह कवायद शुरू की है.

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के अपने समकक्ष बिलावल भुट्टो जारदारी के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा कि इंडो-पैसिफिक रणनीति अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अधिक सतर्कता और चिंता पैदा कर रही है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति का फेल होना तय है. चीन के विदेश मंत्री वांग ने कहा कि अमेरिका ने स्वतंत्रता और खुलेपन के नाम पर इंडो-पैसिफिक रणनीति बनाई है.

फेल हो जाएगी उसके खिलाफ हर रणनीति

चीन ने दावा किया है कि क्वाड का इरादा चीन के आसपास के वातावरण को बदलने का है. इसका उद्देश्य चीन को नियंत्रित करना और एशिया-पैसिफिक देशों को अमेरिकी आधिपत्य के प्यादे के तौर पर काम करना है. वांग ने कहा कि जो चीज विशेष रूप से खतरनाक है, वह यह है कि अमेरिका ताइवान और दक्षिण चीन सागर का कार्ड खेल रहा है. चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि इंडो-पैसिफिक रणनीति सही मायने में विभाजन पैदा करने, टकराव को भड़काने और शांति को कम करने की रणनीति है. उन्होंने कहा कि कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कितनी गुप्त है, लेकिन यह अंत में विफल हो जाएगी.

सफल नहीं होगी अमेरिका की कोशिश

चीनी विदेश मंत्री वांग ने कहा कि इंडो-पैसिफिक अवधारणा न सिर्फ एशिया-पैसिफिक के नाम और क्षेत्र में प्रभावी क्षेत्रीय सहयोग वास्तुकला को मिटाने की कोशिश है, बल्कि देशों के ठोस प्रयासों द्वारा बनाई गई शांतिपूर्ण विकास की उपलब्धियों को मिटाने की भी कोशिश है, जो कई दशकों से देशों द्वारा बनाई गई है. वांग ने कहा कि एशिया-पैसिफिक क्षेत्र भू-राजनीतिक मंच के बजाय शांतिपूर्ण विकास की भूमि होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि एशिया-पैसिफिक को किसी ब्लॉक 'नाटो या शीत युद्ध' में तब्दील करने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी.

क्यों बनाया गया है क्वाड

क्वाड समूह को अमेरिका, जापान, भारत और आस्ट्रेलिया ने मिलकर बनाया है, जो खुले और मुक्त इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) की भावना पर बल देता है. हालांकि, चीन उस क्षेत्र को एशिया-पैसिफिक क्षेत्र कहता है. वह हिंद-प्रशांत रणनीतिक अवधारणा के विरूद्ध है. चीन ने इसकी तुलना एशियाई नाटो से की. चीन करीब-करीब पूरे विवादित दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, जबकि ताईवान, फिलीपिन, ब्रूनेई, मलेशिया और वियतनाम भी उसके कुछ- कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं. चीन ने दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्वीप एवं सैन्य प्रतिष्ठान बनाए हैं. चीन का पूर्वी चीन सागर में जापान के साथ भी विवाद है. ऐसे में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति के मद्देनजर मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत की जरूरत की चर्चा कर रही है.

Prabhat Khabar App :

देश-दुनिया, बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस अपडेट, मोबाइल, गैजेट, क्रिकेट की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

googleplayiosstore
Follow us on Social Media
  • Facebookicon
  • Twitter
  • Instgram
  • youtube

संबंधित खबरें

Share Via :
Published Date

अन्य खबरें