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पाकिस्तान से अरबों की आर्म्स डील के बाद लीबियाई आर्मी चीफ समेत 8 की मौत, तुर्की में प्लेन क्रैश- हादसा या साजिश?

Updated at : 24 Dec 2025 12:51 PM (IST)
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Pakistan Libya Arms Deal Libya

Pakistan Libya Arms Deal Libya

Pakistan Libya Arms Deal: तुर्की के अंकारा में एक प्लेन क्रैश में लीबियाई सेना प्रमुख मोहम्मद अल-हद्दाद की मौत हो गई. यह घटना पाकिस्तान-लीबिया हथियार डील के बाद हुई, जिससे साजिश का शक पैदा हो गया है. टेक्निकल खराबी की रिपोर्ट, धमाके के चश्मदीदों के बयानों और अंतरराष्ट्रीय हथियारों की राजनीति के माहौल के बीच जांच चल रही है.

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Pakistan Libya Arms Deal: दुनिया की राजनीति और हथियारों के सौदों के बीच एक खबर ने सबको चौंका दिया. लीबिया की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद की मौत हो गई. वह भी ऐसे वक्त पर, जब पाकिस्तान और लीबिया के बीच अरबों डॉलर के हथियार सौदे की चर्चा चल रही थी. जनरल अल-हद्दाद जिस विमान में सवार थे, वह तुर्की की राजधानी अंकारा के पास क्रैश हो गया. अब सवाल उठ रहे हैं कि यह सिर्फ हादसा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश?

तुर्की के गृह मंत्री अली येरलिकाया के मुताबिक, Falcon-50 बिजनेस जेट ने मंगलवार शाम अंकारा के एसेनबोआ एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के करीब 40 मिनट बाद विमान से संपर्क टूट गया. इसके बाद तुर्की सुरक्षा बलों ने विमान का मलबा अंकारा से करीब 70 किलोमीटर दूर हयमाना जिले में खोज निकाला.

Libyan Army Chief Plane Crash in Hindi:  विमान में कौन-कौन था?

इस विमान में कुल आठ लोग सवार थे. इनमें लीबिया के आर्मी चीफ मोहम्मद अल-हद्दाद, उनके सलाहकार मोहम्मद अल-असावी, मेजर जनरल अल-फितूरी घ्रैबिल, मेजर जनरल मोहम्मद जुमा, और एस्कॉर्ट अधिकारी मोहम्मद अल-महजूब शामिल थे. इनके अलावा तीन क्रू मेंबर भी विमान में थे. सभी की मौत हो गई. तुर्की अधिकारियों के अनुसार, उड़ान के करीब 16 मिनट बाद विमान में इलेक्ट्रिकल खराबी आ गई थी. पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी थी. इसके बाद विमान ने आपात संकेत भी भेजा, लेकिन फिर संपर्क पूरी तरह टूट गया. तुर्की के न्याय मंत्री यिलमाज तुंच ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

‘ऐसा लगा जैसे बम फट गया

हयमाना इलाके के स्थानीय निवासी बुरहान चिचेक ने एएफपी को बताया कि उन्होंने जोरदार धमाके की आवाज सुनी. उन्होंने कहा कि लगा जैसे कोई बम फट गया हो. तुर्की मीडिया में ऐसे वीडियो भी सामने आए, जिनमें आसमान में तेज रोशनी और धमाके जैसे दृश्य दिखे.

तुर्की से क्यों लौट रहे थे लीबियाई सेना प्रमुख?

हादसे से कुछ घंटे पहले ही जनरल अल-हद्दाद ने अंकारा में तुर्की के रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी. इसके बाद वे लीबिया की राजधानी त्रिपोली लौट रहे थे. लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुलहमीद दबीबा ने फेसबुक पर शोक जताते हुए कहा कि यह देश के लिए बेहद दुखद क्षण है. लीबिया लंबे समय से दो हिस्सों में बंटा है. एक तरफ संयुक्त राष्ट्र समर्थित त्रिपोली सरकार है, और दूसरी तरफ पूर्वी लीबिया में खलीफा हफ्तार का प्रशासन. तुर्की का झुकाव अब तक त्रिपोली सरकार की तरफ रहा है और वह उसे आर्थिक और सैन्य मदद देता रहा है. हालांकि हाल के महीनों में तुर्की ने पूर्वी लीबिया से भी संपर्क बढ़ाया है.

Pakistan Libya Arms Deal in Hindi: पाकिस्तान-लीबिया हथियार सौदा और बढ़ती चिंता

इसी बीच रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पाकिस्तान और लीबिया के बीच करीब 4.5 अरब डॉलर की आर्म्स डील हुई है. कहा जा रहा है कि यह पाकिस्तान की अब तक की सबसे बड़ी हथियार डील हो सकती है. इसी सिलसिले में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के लीबिया दौरे की भी खबरें आई थीं. अंतरराष्ट्रीय चिंता इस बात को लेकर है कि पाकिस्तान में बने और चीन की तकनीक से जुड़े हथियार अगर लीबिया पहुंचे, तो वे आगे चलकर हिज्बुल्लाह, हमास जैसे आतंकी संगठनों तक भी पहुंच सकते हैं. (Pakistan Libya Arms Deal Libyan Army Chief Plane Crash Turkey in Hindi)

लीबिया पर 2011 से ही संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लगे हुए हैं, ऐसे में यह सौदा कई देशों को परेशान कर रहा है. इस हथियार सौदे को लेकर पाकिस्तान के अंदर, खासकर बलूचिस्तान में विरोध की आवाजें उठ रही हैं. वहां के नेताओं को डर है कि ऐसे सौदे पाकिस्तान को और अस्थिर कर सकते हैं और भविष्य में यह रास्ता और खतरनाक हो सकता है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह विमान हादसा सिर्फ एक तकनीकी खराबी का नतीजा था, या फिर इसके पीछे हथियारों की राजनीति, अंतरराष्ट्रीय ताकतें और बड़े हित जुड़े हैं? जांच चल रही है और नतीजों का इंतजार है. 

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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