Pakistan Gaza Troops Deployment: गाजा पट्टी को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिल रही है. जंग से तबाह इस इलाके में अब शांति और पुनर्निर्माण के नाम पर नए प्लान की चर्चा है. इसी कड़ी में पाकिस्तान का नाम सामने आया है. पाकिस्तान गाजा में करीब 3,500 सैनिक तैनात करने की तैयारी कर रहा है, ऐसा दावा पाकिस्तानी राजनयिक और सैन्य सूत्रों के हवाले से किया गया है. यह तैनाती किसी युद्ध के लिए नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय फोर्स के तहत होने की बात कही जा रही है.
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रस्तावित 20 पॉइंट शांति प्लान बताया जा रहा है. इस प्लान का एक अहम हिस्सा है International Stabilization Force (ISF). इस फोर्स का मकसद गाजा में युद्ध के बाद हालात संभालना है. इसमें गाजा के पुनर्निर्माण की निगरानी, सीमा सुरक्षा, आम नागरिकों की सुरक्षा और हथियारबंद संगठनों को कमजोर करना शामिल है. (Pakistan Gaza Troops Deployment Trump Peace Plan in Hindi)
Pakistan Gaza Troops Deployment in Hindi: मुस्लिम देशों से फौज की मांग
डोनाल्ड ट्रंप ने इस ISF के लिए खास तौर पर मुस्लिम बहुल देशों से अपील की है कि वे सैनिक, संसाधन और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराएं. सूत्रों के मुताबिक, इसी वजह से अमेरिका ने हाल के दिनों में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर को लेकर ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है. अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान इस अंतरराष्ट्रीय फोर्स का हिस्सा बने. पाकिस्तानी राजनयिक और सैन्य अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान गाजा जैसे युद्धग्रस्त और लंबे समय से घिरे इलाके में करीब 3,500 सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है. यह पाकिस्तान के लिए पश्चिम एशिया में एक दुर्लभ और सीधी सैन्य भागीदारी होगी. हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
डॉन अखबार की रिपोर्ट और सरकारी बयान
इस पूरे मामले को सबसे पहले पाकिस्तान के मशहूर अखबार डॉन ने रिपोर्ट किया. डॉन के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने हाल ही में कहा था कि ISF में सैनिक भेजने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. यानी सरकार सार्वजनिक रूप से सतर्क रुख दिखा रही है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर बातचीत जारी है.
गाजा युद्ध की शुरुआत कैसे हुई
गाजा में मौजूदा तबाही की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हुई थी, जब हमास और उससे जुड़े संगठनों ने दक्षिणी इजराइल पर अचानक हमला किया. इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए और लगभग 251 लोगों को बंधक बनाया गया. इसके बाद इजराइल ने गाजा पर बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया. विभिन्न स्वास्थ्य एजेंसियों और संघर्ष आकलनों के अनुसार, इजराइल के जवाबी हमलों में अब तक 70,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. गाजा का बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं. इन्हीं हालात को देखते हुए ISF जैसे प्लान की बात सामने आई है.
अमेरिका के साथ रिश्ते मदबूत करना चाहत है
अगर पाकिस्तान इस फोर्स का हिस्सा बनता है, तो इससे अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत हो सकते हैं और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका बढ़ सकती है. लेकिन इसके साथ ही पाकिस्तान के अंदर इस्लामिक पार्टियों और राजनीतिक विरोधियों का कड़ा विरोध भी देखने को मिल सकता है. इजराइल से जुड़े किसी भी पश्चिमी सुरक्षा प्लान में शामिल होना पाकिस्तान के लिए घरेलू राजनीति में मुश्किल खड़ी कर सकता है. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान सच में गाजा में सैनिक भेजेगा या यह सिर्फ कूटनीतिक दबाव और बातचीत का हिस्सा है.
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