निखिल गुप्ता ने कबूला पन्नू की हत्या की साजिश का जुर्म, अब अमेरिकी कोर्ट क्या सजा देगा?

Updated at : 14 Feb 2026 8:56 AM (IST)
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nikhil gupta pleads guilty in US Court over assassination plot targeting gurpatwant singh pannun.

पन्नू और निखिल गुप्ता. फोटो- एक्स.

अमेरिका में खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश से जुड़े मामले में नया मोड़ आया है. आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने शुक्रवार को अदालत में सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया है. यह हत्या की योजना अमल में आने से पहले ही नाकाम कर दी गई थी. अब इस केस में सजा सुनाए जाने की तारीख 15 मार्च तय की गई है.

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न्यूयॉर्क में सिख आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक नया मोड़ आया है. इस हत्या की साजिश रचने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को अपना अपराध स्वीकार कर लिया. यह उनके पुराने रुख से बिल्कुल अलग है. पहले उन्होंने इस जुर्म से पूरी तरह इनकार किया था. अब उन्हें अधिकतम 24 साल तक की जेल की सजा सुनाई जा सकती है. अभियोजन पक्ष के पास मौजूद ठोस और तकनीकी सबूतों के चलते गुप्ता के पास अपराध स्वीकार करने के अलावा कोई व्यवहारिक रास्ता नहीं बचा था.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए एफबीआई ने कहा, ‘एफबीआई न्यूयॉर्क और सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय की जांच के बाद निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क सिटी में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने का अपराध स्वीकार किया है.’ अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय (साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क) की ओर से बयान जारी किया.

इसमें कहा गया, ‘निखिल गुप्ता उर्फ ‘निक’, एक भारतीय नागरिक ने दूसरे सुपरसीडिंग अभियोग-पत्र में लगाए गए सभी तीन आरोपों को स्वीकार कर लिया है. इनमें सुपारी देकर हत्या, सुपारी देकर हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश शामिल है. ये सभी आरोप न्यूयॉर्क सिटी में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के प्रयास से जुड़े हैं. गुप्ता ने आज अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के समक्ष अपराध स्वीकार किया. उन्हें 29 मई 2026 को अमेरिकी जिला जज विक्टर मारेरो द्वारा सजा सुनाई जाएगी.’

क्या बोला एफबीआई?

एफबीआई के सहायक निदेशक रोमन रोजावस्की ने कहा, ‘निखिल गुप्ता एक अमेरिकी नागरिक के खिलाफ सुपारी देकर हत्या की साजिश में एक अहम भूमिका निभा रहा था. अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई के कारण यह हत्या रोकी जा सकी.’ न्यूयॉर्क स्थित एफबीआई ने कहा कि यह मामला इस बात को दर्शाता है कि अमेरिकी नागरिकों की संवैधानिक रूप से संरक्षित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने वालों को निशाना बनाने वाले विदेशी तत्वों से देश की सुरक्षा के लिए एफबीआई लगातार प्रतिबद्ध है.

रोजावस्की ने आगे कहा, ‘उस अमेरिकी नागरिक को सिर्फ इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रताड़ना और दबाव का निशाना बनाया गया क्योंकि उसने अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग किया. एफबीआई का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है, आप दुनिया में कहीं भी हों, अगर आपने हमारे नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो हम आपको न्याय के कटघरे में लाने तक नहीं रुकेंगे.’

कोर्ट में निखिल गुप्ता के खिलाफ क्या पेश किया गया?

इस मामले की सुनवाई 30 मार्च से शुरू होने वाली थी, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक संदेशों और वायरटैप की गई बातचीत को अदालत में पेश किया जाना था. इन रिकॉर्डिंग्स में कथित तौर पर निखिल गुप्ता को एक सुपारी किलर से एक लाख अमेरिकी डॉलर में हत्या की डील पर बातचीत करते हुए सुना गया था. दोष स्वीकार करने के बाद अब निखिल गुप्ता एक लंबे और हाई-प्रोफाइल ट्रायल से बच गए हैं, जिसमें उन्हें अधिकतम 40 साल तक की सजा हो सकती थी.

हालांकि आरोप स्वीकार करने के बाद अब अगली सुनवाई 15 मार्च को होगी. हालांकि सजा कितनी होगी, इसका अंतिम फैसला अदालत करेगी, लेकिन अमेरिकी अभियोजन एजेंसियों ने उनके लिए 21 से 24 साल की जेल की सिफारिश की है. सीनियर जिला जज विक्टर मरेरो 29 मई को सजा को लेकर औपचारिक दंड तय करेंगे. 54 साल के गुप्ता को 25 साल तक की जेल हो सकती है.

अमेरिका ने भारतीय अधिकारी पर भी लगाए हैं आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग ने दावा किया है कि भारत सरकार के एक कर्मचारी (जिसे सीसी-1 नाम दिया गया है) ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के लिए एक शूटर (सुपारी किलर) नियुक्त करने के लिए कहा था. अभियोजकों के अनुसार, इस साजिश को अमेरिकी अधिकारियों ने नाकाम कर दिया. हालांकि उसकी पहचान मैनहैटन की एक संघीय अदालत में दाखिल आरोप-पत्र में सार्वजनिक नहीं की गई. आरोपों के मुताबिक, निखिल गुप्ता भारत सरकार के एक कर्मचारी (विकास यादव) का करीबी सहयोगी था. दोनों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर न्यूयॉर्क सिटी में पन्नू की हत्या की योजना बनाई थी.  

भारत सरकार ने आरोपों से किया इनकार

हालांकि भारत सरकार ने इस मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. भारत ने यह स्पष्ट किया है कि विकास यादव अब सरकारी सेवा में नहीं हैं. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह की किसी भी गतिविधि का सरकारी नीति से कोई संबंध नहीं है. 17 अक्टूबर 2024 को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि अमेरिकी न्याय विभाग के आरोप-पत्र में जिन व्यक्ति का नाम आया है, वह अब भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है.

कौन है पन्नू?

 गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत सरकार द्वारा नामित आतंकवादी है. उसके पास अमेरिका और कनाडा की नागरिकता है. वह प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ का प्रमुख चेहरा है. पन्नू लंबे समय से भारत विरोधी और हिंसा भड़काने वाले बयान देता रहा है. वह भारत को तोड़कर सिखों के लिए अलग देश बनाने की खुली वकालत करता रहा है. हाल के समय में उसने भारत विरोधी गतिविधियों को तेज किया है. इनमें अमेरिकी शहरों में खालिस्तान जनमत संग्रह कराना, एयर इंडिया के बहिष्कार से जुड़े वीडियो जारी करना और भारत के खिलाफ कार्रवाइयों के लिए इनाम घोषित करना शामिल है. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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