बांग्लादेश चुनाव: तारिक रहमान की BNP की जीत, 3 हिंदू उम्मीदवार भी बने सांसद

Author Govind jee
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गयेश्वर चंद्र रॉय (बाएं), दीपेन दीवान (बीच में), नितई रॉय चौधरी.

Bangladesh Election: बांग्लादेश चुनाव में तारिक रहमान की BNP ने 212 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की है. खास बात यह है कि BNP के टिकट पर 3 हिंदू उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की, जबकि जमात का इकलौता हिंदू दांव फेल रहा. शेख हसीना की पार्टी के बिना हुए इस चुनाव में अब नए संविधान और 10 साल के PM कार्यकाल जैसे बड़े बदलाव होंगे.

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Bangladesh Election: बांग्लादेश के 13वें पार्लियामेंट्री चुनाव के नतीजों ने पूरे साउथ एशिया में हलचल मचा दी है. लगभग दो दशक के लंबे इंतजार के बाद, तारिक रहमान की लीडरशिप वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने सत्ता में जबरदस्त वापसी की है. ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, BNP ने 299 में से 212 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. वहीं, कभी राजनीतिक रूप से हाशिए पर रहने वाली जमात-ए-इस्लामी 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है.

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BNP के ‘हिंदू फेस’ ने लहराया जीत का परचम

इस चुनाव में अल्पसंख्यकों की भागीदारी पर पूरी दुनिया की नजर थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BNP के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले तीन हिंदू उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की है.

गयेश्वर चंद्र रॉय: ढाका-3 सीट से जीत हासिल की. उन्होंने जमात के शाहीनूर इस्लाम को 15 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया.

नितई रॉय चौधरी: मगुरा-2 सीट से कंफर्टेबल जीत दर्ज की. इन्हें BNP के भीतर अल्पसंख्यकों का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता है.

एडवोकेट दीपेन देवान: रांगामाटी संसदीय सीट से जीत हासिल कर संसद पहुंचे.

इनके अलावा, अल्पसंख्यक समुदाय के ही सचिंग प्रू ने बंदरबन निर्वाचन क्षेत्र से BNP के लिए एक और सीट जीती. हालांकि, जमात-ए-इस्लामी की ओर से एकमात्र हिंदू उम्मीदवार कृष्णा नंदी को हार का सामना करना पड़ा.

संविधान बदलने पर लगी मुहर 

चुनाव के साथ-साथ बांग्लादेश में एक बड़ा रेफरेंडम (जनमत संग्रह) भी हुआ, जिसमें जनता से संविधान सुधारों पर राय मांगी गई थी. चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 4.8 करोड़ लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया, जबकि 2.25 करोड़ लोगों ने ‘ना’ कहा. इन सुधारों के बाद अब बांग्लादेश में कोई भी व्यक्ति 10 साल से ज्यादा प्रधानमंत्री नहीं रह पाएगा. साथ ही न्यायपालिका को ज्यादा आजादी देने और दो सदनों वाली संसद (Bicameral Parliament) बनाने का रास्ता भी साफ हो गया है.

जमात का उदय 

अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से बैन कर दिया गया था. इसका सीधा फायदा BNP और जमात को मिला. जमात ने ढाका की 15 में से 6 सीटों पर कब्जा किया है, जो उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है. हालांकि, महिलाओं और रूढ़िवादी नीतियों पर जमात के पुराने स्टैंड के कारण वे BNP को मात नहीं दे पाए. दूसरी ओर, जमात ने नतीजों में देरी और ‘धांधली’ का आरोप लगाते हुए आंदोलन की धमकी भी दी है.

क्या होगा आगे?

मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार अब सत्ता तारिक रहमान को सौंपेगी. तारिक रहमान फिलहाल प्रधानमंत्री पद की रेस में सबसे आगे हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रहमान को जीत की बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही सभी आधिकारिक गैजेट नोटिफिकेशन जारी कर दिए जाएंगे.

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