Nijjar Killing : जस्टिन ट्रूडो के झूठ की खुल गई पोल, खालिस्तानी अलगाववादी निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों का हाथ नहीं

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 30 Jan 2025 10:30 AM

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खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर

Nijjar Killing : जस्टिन ट्रूडो के निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता के दावे की पोल खुल चुकी है. एक कनाडाई रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घटना का किसी विदेश से संबंध नहीं है.

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Nijjar Killing : खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में कुछ भारतीय एजेंटों के शामिल होने का आरोप लगाया गया था. अब इसकी सच्चाई सामने आ गई है. कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कनाडाई आयोग की रिपोर्ट सामने आई है. इसमें कहा गया है कि निज्जर की हत्या में किसी “विदेशी राज्य” के साथ कोई ठोस संबंध के बारे में किसी भी तरह की बात सामने नहीं आई है.

कनाडा के आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, यह साबित नहीं हुआ है कि कनाडाई सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का किसी अन्य देश से ठोस संबंध है. रिपोर्ट ने जस्टिन ट्रूडो के उन आरोपों को दरकिनार कर दिया है, जिसमें उन्होंने निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया था.

जस्टिन ट्रूडो ने क्या कहा था?

दरअसल, सितंबर 2023 में जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि कनाडा के पास ठोस सबूत है कि जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंट शामिल थे. संघीय चुनाव प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं में विदेशी हस्तक्षेप की सार्वजनिक जांच शीर्षक वाली रिपोर्ट सामने आई है. इससे ट्रूडो के झूठ की पोल खुल गई है.

ये भी पढ़ें : कनाडा भारत को क्यों नहीं दे रहा आतंकी निज्जर का डेथ सर्टिफिकेट?

भारतीय राजनयिकों को निष्कासित करने का भी जिक्र रिपोर्ट में

123 पेज की रिपोर्ट में छह भारतीय राजनयिकों को निष्कासित करने का भी जिक्र है. इसमें कहा गया है, ‘‘अक्टूबर 2024 में, कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों और वाणिज्य दूतावास अधिकारियों को निष्कासित कर दिया था.’’ भारत ने भी छह कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित करने का कठोर फैसला लिया था. अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने की घोषणा की थी.

इस मामले में अमेरिका ने एक भारतीय अधिकारी की संलिप्तता यानी शामिल होने का दावा किया था. 

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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