Nepal Protest: क्या चीन की राह पर चल रहा नेपाल? क्यों ओली के खिलाफ सड़कों पर उतर आए युवा
Published by : Pritish Sahay Updated At : 08 Sep 2025 5:51 PM
Nepal Protest: क्या चीन की राह पर चल पड़ा है नेपाल?
Nepal Protest: नेपाल में सरकार की ओर से सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के विरोध में सोमवार को युवाओं ने काठमांडू में जबरदस्त प्रदर्शन किया. हिंसक प्रदर्शनों के दौरान 14 लोगों की मौत हो गई है. कम से कम 42 लोग घायल हुए हैं. राजधानी के कुछ हिस्सों में स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण अधिकारियों ने मजबूर होकर एक दिन के लिए कर्फ्यू लगा दिया.
Nepal Protest: नेपाल में बवाल छिड़ा है. चप्पे-चप्पे पर सेना तैनात है. युवा सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं. सरकार ने सोशल मीडिया पर नकेल कसी तो युवाओं का गुस्सा सड़कों पर उतर आया. बैन से नाराज हजारों युवा सड़क पर उतर गये. कई युवा नेपाल की संसद में भी घुसने की कोशिश की. पूरे नेपाल में जोरदार हंगामा छिड़ा हुआ है. हालांकि आंदोलन सिर्फ सोशल मीडिया के कारण नहीं हो रहा है. युवाओं ने देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ भी बिगुल फूंका है. राजधानी काठमांडू के कुछ हिस्सों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण होने के कारण मजबूरन एक दिन का कर्फ्यू लगा दिया गया है.
भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
नेपाल में प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स सहित 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का आरोप लगाया है. विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने संसद भवन के पास पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे और रबर की गोलियां चलाईं. काठमांडू पोस्ट के मुताबिक आंदोलन में 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 45 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
ओली सरकार पर चीनी रवैया अपनाने का आरोप
नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों के मन में पहले से ही आक्रोश था, ऐसे में ओली सरकार की ओर से सोशल मीडिया पर बैन लगाने की घटना ने आग में घी का काम किया. चीन की तरह सोशल मीडिया पर सेंसरशिप लागू करने की मंशा के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर गया. लोगों का आरोप है कि ओली सरकार चीन की तर्ज पर नेपाल में सोशल मीडिया पर सेंसर लगा रही है. सरकार लोगों से उनकी डिजिटल आजादी छीन रही है.
क्यों गुस्से में हैं नेपाल के युवा?
नेपाल के युवा सकार की ओर से सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. नेपाल सरकार ने अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर चार सितंबर को फेसबुक, व्हाट्सऐप और एक्स सहित 26 सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध लगा दिया था. सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध उन्हें विनियमित करने के लिए लगाया गया है, लेकिन आम जनता में धारणा यह है कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला होगा और सेंसरशिप की नौबत आ सकती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










