Nepal Prisoner Arrested: एक्शन में आई पुलिस, नेपाल में 3,723 भागे कैदी फिर गिरफ्तार, 10 हजार से ज्यादा अब भी फरार

Published by : Pritish Sahay Updated At : 14 Sep 2025 10:54 PM

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Nepal Prisoner Arrested: नेपाल पुलिस ने जेल से भागे 3,723 कैदियों को फिर से गिरफ्तार किया, सांकेतिक

Nepal Prisoner Arrested: नेपाल की विभिन्न जेलों से भागे कैदियों में से 3,723 कैदियों को गिरफ्तार कर लिया है. 10 हजार से ज्यादा कैदी अब भी फरार हैं.  नेपाल में बीते सप्ताह जेन जेड के विरोध प्रदर्शन का फायदा उठाकर विभिन्न जेलों को कैदी जेल तोड़कर भाग गए थे. कई कैदियों ने भारत में घुसने की भी कोशिश की थी.

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Nepal Prisoner Arrested:  नेपाल में पिछले सप्ताह हुए सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान कई जेलों से भागे 3,700 से अधिक कैदियों को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है. नेपाल पुलिस के प्रवक्ता, डीआईजी बिनोद घिमिरे ने बताया कि रविवार दोपहर तक 3,723 कैदियों को वापस जेलों में लाया जा चुका है. उन्होंने बताया कि अभी भी 10,320 कैदी अब भी फरार है. उन्होंने लोगों से सावधान रहने की अपील की है उप महानिरीक्षक ने बताया कि कुछ कैदी स्वेच्छा से लौट आए, जबकि भारतीय पुलिस ने भारत में प्रवेश करने की कोशिश करने वालों को गिरफ्तार करने में मदद की. डीआईजी घिमिरे ने बताया कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल जेल से फरार हुए कैदियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चला रहे हैं.

जेल तोड़कर फरार हुए थे कैदी

नेपाल में बीते सप्ताह जेन जेड के विरोध प्रदर्शन का फायदा उठाकर विभिन्न जेलों को कैदी जेल तोड़कर भाग गए थे. कई कैदियों ने भारत में घुसने की भी कोशिश की थी. कैदियों के भागने की कोशिश करने के दौरान कई जेलों में सुरक्षाकर्मियों और कैदियों के बीच झड़पें हुईं. नेपाल की अखबार द राइजिंग नेपाल अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक नौबस्ता बाल सुधार गृह में सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प में पांच किशोर बंदियों की मौत भी हो गई थी. नेपाल में हिंसक प्रदर्शन को दौरान 24 से अधिक जेलों से 15,000 से अधिक कैदी फरार हो चुके हैं.

भारत-नेपाल सीमा से कई कैदी गिरफ्तार

भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा करने वाले सशस्त्र सीमा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर विभिन्न स्थानों से करीब 60 लोगों को पकड़ा है. इनमें से ज्यादातर नेपाली हैं, जिन पर अपने देश में अशांति के दौरान जेल तोड़कर भागने का संदेह है. SSB के जवानों ने पिछले दो दिन में उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा चौकियों से इन्हें पकड़ा है. उन्होंने बताया कि इन्हें संबंधित राज्य पुलिस बलों को सौंप दिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. नेपाल में विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए एसएसबी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी थी, ताकी नेपाल से कोई भारत में दाखिल न हो सके.

नेपाल की जेल से फरार चार कैदी पिथौरागढ़ से गिरफ्तार

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से एसएसबी की 55वीं बटालियन ने नेपाल की जेल से भागे चार कैदियों को झूलाघाट के पास देवताल पुलिस चौकी क्षेत्र से पकड़ा है. इन कैदियों को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वो टायर ट्यूब की मदद से अवैध रूप से काली नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे. पकड़े गए चार कैदियों में से तीन पर दुष्कर्म के आरोप हैं, जबकि एक पर हत्या की सजा काट रहा था. नेपाल में जेन-डेज के हिंसक आंदोलन के बाद केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, इसके बाद वहां सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया गया. 

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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