नेपाल चुनाव: प्रचंड जीत की ओर बालेन शाह की RSP, काठमांडू की सभी सीट कब्जाई, Gen-Z लीडर का पीएम बनना तय!

नेपाल में चुनाव प्रचार के दौरान बालेन शाह. फोटो- एक्स (@@nabilajamal_).
Nepal Election Results : नेपाल के संसदीय चुनाव में बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है. उनकी पार्टी ने काठमांडू की सभी सीटों पर विजय प्राप्त कर ली है. वह आरएसपी से साझा उम्मीदवार हैं और पहले से घोषित पीएम उम्मीदवार भी. ऐसे में अगर यही रुझान रहा, तो नेपाल के जेन-जी लीडर प्रधानमंत्री बन सकते हैं.
Nepal Election Results : रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) नेपाल के आम चुनाव में शनिवार को बड़ी जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है. राजनीतिक रूप से लंबे समय से अस्थिर रहे इस देश में पारंपरिक दलों के दबदबे को चुनौती देते हुए आरएसपी के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने की संभावना जताई जा रही है. नेपाल के निर्वाचन आयोग के अनुसार, कुल 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 161 के रुझान और परिणाम सामने आ चुके हैं. ‘बालेन’ के नाम से जाने जाने वाले 35 साल के रैपर इंजीनियर के नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना है.
बृहस्पतिवार को हुए मतदान में आरएसपी ने काठमांडू जिले के सभी 10 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज करते हुए अब तक 27 सीटें अपने नाम कर ली हैं. वहीं नेपाली कांग्रेस को पांच सीटें मिली हैं, जबकि नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को दो सीटों पर जीत मिली है. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल के खाते में एक सीट आई है.
सुबह 10 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक आरएसपी 97 अन्य सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. वहीं नेपाली कांग्रेस, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी और सीपीएन-यूएमएल 10-10 सीटों पर आगे चल रहे हैं. श्रम संस्कृति पार्टी पांच सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि अन्य दल दो-दो सीटों पर आगे हैं.
काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह ‘बालेन’ झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. यहां उन्होंने चार बार के प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष के पी शर्मा ओली के गढ़ में मजबूत बढ़त बना ली है. अब तक शाह को 39,284 वोट मिले हैं, जबकि ओली को 10,293 वोट प्राप्त हुए हैं. उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न घंटी है.

165 सदस्यों को डायरेक्ट वोटिंग सिस्टम से चुना जाएगा
नेपाल की संसद में कुल 275 सदस्य होते हैं. इनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के जरिए चुने जाते हैं, जबकि बाकी 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत चुने जाते हैं. इस आम चुनाव में लगभग 1.89 करोड़ मतदाता प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों का चुनाव करने के पात्र थे. बृहस्पतिवार को हुए मतदान में करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. प्रत्यक्ष चुनाव की 165 सीटों के लिए लगभग 3,400 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत 110 सीटों के लिए 3,135 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं.
जेन-जी आंदोलन के बाद गिरी सरकार
नेपाल में यह चुनाव जेन-जी आंदोलन के बाद हो रहे हैं. सितंबर 2025 में हुए हिंसक ‘जेन-जी’ के विरोध प्रदर्शनों के कारण के. पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था. उस समय वह नेपाली कांग्रेस के समर्थन से बनी गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे थे, जिसके पास लगभग दो-तिहाई बहुमत था. नेपाल में पिछले 18 वर्षों में 14 सरकारें बन चुकी हैं. इनमें से अधिकतर गठबंधन की सरकारें रही हैं. ऐसे में इस बार के चुनाव में एक पार्टी की बहुमत वाली सरकार बन सकती है.
भारत को स्थिर सरकार की उम्मीद
इस चुनाव पर भारत भी करीबी नजर बनाए हुए है. भारत को उम्मीद है कि हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार बनने से दोनों देशों के बीच विकास और सहयोग की साझेदारी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में कहा कि भारत नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों और उनके लोगों के बीच बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने के लिए काम करने को उत्सुक है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा नेपाल में शांति, स्थिरता और प्रगति का समर्थन किया है और नेपाल सरकार के अनुरोध पर चुनावों के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता भी उपलब्ध कराई है.
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पिछले साल सितंबर में उग्र आंदोलन नेपाल में हुआ
जेन जी के युवाओं ने पिछले साल सितंबर में उग्र आंदोलन किया. वे भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगाए गए बैन के खिलाफ सड़क पर उतरे. दो दिनों तक चले देशव्यापी हिंसक प्रदर्शनों के बाद ओली-नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को सत्ता से हटना पड़ा. ओली के पद से हटने के बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 12 सितंबर को प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया. इस सरकार के गिरने के बाद, ‘बालेन’ को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक लोकप्रिय विकल्प माना गया. हालांकि, बाद में सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया.

बालेन को मिला भारी समर्थन
हालांकि, बालेन ने उस समय अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और कहा कि वह संसदीय चुनाव लड़कर पूर्ण कार्यकाल के लिए सरकार का नेतृत्व करना पसंद करेंगे. जनवरी 2022 में शाह, रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली आरएसपी में शामिल हुए और जल्द ही उन्हें पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया. चुनाव प्रचार के दौरान आरएसपी को देशभर में व्यापक जनसमर्थन मिला.
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पुराने नेताओं का हाल कैसा है?
नेपाली कांग्रेस की ओर से गगन थापा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, जबकि सीपीएन-यूएमएल ने के पी शर्मा ओली को अपना चेहरा बनाया है. दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही दल उस सरकार का हिस्सा थे, जिसे ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता से हटना पड़ा था.
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ रुकुम पूर्व सीट से चुनाव जीत गए हैं. उन्हें 10,240 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीएन-यूएमएल के लीलामणि गौतम को 3,462 वोट मिले.
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By Amitabh Kumar
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