IVF Treatment Free: आईवीएफ ट्रीटमेंट होगा फ्री, जानें किसने किया ये ऐलान
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 30 Aug 2024 9:02 AM
Treatment
IVF Treatment: आईवीएफ पद्धति के तहत शुक्राणु और अंडाणु के बीच निषेचन की प्रक्रिया को प्रयोगशाला में किया जाता है. जानें चुनाव के पहले डोनाल्ड ट्रंप ने लोगों से क्या किया वादा
IVF Treatment: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव प्रचार में इन दिनों व्यस्त हैं. वे इस दौरान लोगों से वादा करते दिख रहे हैं. इस बार उन्होंने कहा है कि यदि वह एक बार फिर देश के शीर्ष पद पर निर्वाचित होते हैं तो महिलाओं के लिए आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) सिस्टम से गर्भधारण की प्रक्रिया को फ्री कर देंगे. हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि उनकी यह योजना किस तरह से काम करेगी और इसके लिए पैसा कहां से आएगा?
मिशिगन में एक कार्यक्रम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं आज एक खास ऐलान कर रहा हूं कि ट्रंप प्रशासन के तहत, आपकी सरकार या फिर आपकी बीमा कंपनी आईवीएफ पद्धति से जुड़े सभी खर्च का भुगतान करेगी. सही मायने में कहूं तो यह इसलिए क्योंकि हम ज्यादा बच्चे चाहते हैं.
आईवीएफ पद्धति क्या होता है?
आईवीएफ पद्धति के तहत शुक्राणु और अंडाणु के बीच निषेचन की प्रक्रिया को प्रयोगशाला में किया जाता है. इससे तैयार भ्रूण को महिला के गर्भाशय में प्रतिरोपित किया जाता है. यह पद्धति बहुत ही महंगी होती है. इसके बाद भी आईवीएफ पद्धति की सफलता की कोई गारंटी नहीं होती. मां बनने की इच्छुक कई महिलाओं को गर्भधारण के लिए एक से अधिक बार इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है.
कब है अमेरिका में चुनाव?
अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव प्रस्तावित है. इस चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा ऐसे समय में की है, जब वह सुप्रीम कोर्ट के उन न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर डेमोक्रेटिक नेताओं के निशाने पर हैं, जिन्होंने अमेरिका में महिलाओं को हासिल गर्भपात के संवैधानिक अधिकार को खत्म करने वाला फैसला सुनाया था. ट्रंप इस मुद्दे पर बचाव की मुद्रा में आ गए हैं और खुद को “महिलाओं के प्रजनन अधिकार के मजबूत पैरोकार” के रूप में पेश कर रहे हैं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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