Israel Hamas War: हमास ने 13 और बंधकों को किया रिहा, बोले बेंजामिन नेतन्याहू- सीजफायर के बाद बरसाएंगे बम

Edited by Amitabh Kumar
Updated:
विज्ञापन

FILE - A man sits on the rubble as others wander among debris of buildings that were targeted by Israeli airstrikes in Jabaliya refugee camp, northern Gaza Strip on Nov. 1, 2023. Weeks after ordering northern Gaza's 1.1 million inhabitants to evacuate south, the Israeli army is intensifying its bombing of the area that stretches to the wetlands of Wadi Gaza. Israeli soldiers are also battling Hamas militants just north of Gaza City. It's the start of what officials expect to be a long and bloody invasion that has already pinned down hundreds of thousands of Palestinians who remain in the north. AP/PTI(AP11_03_2023_000413A)

Israel Hamas War/israel vs palestine: हमास द्वारा सात अक्टूबर को मोटर ग्लाइडर, नावों और ट्रकों का उपयोग करके इजराइली शहरों में प्रवेश करने के बाद से चल रहे युद्ध में कुल 14,500 लोगों की जान गई है. इसके बाद से पहली बार सीजफायर हुआ है. जानें ताजा अपडेट

विज्ञापन
undefined

Israel Hamas War: इजराइल और हमास के बीच जारी जंग में थोड़ा विराम देखने को मिल रहा है. चार दिन का संघर्ष विराम चल रहा है जिसमें बंधकों को रिहा करने की प्रक्रिया को दोनों पक्षों के द्वारा अंजाम दिया जा रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जो जानकारी दी है उसके अनुसार, 13 और बंधकों (एक अमेरिकी सहित) को अमेरिकी कूटनीति के माध्यम से किए गए समझौते के तहत हमास द्वारा रिहा कर दिया गया है.

undefined

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हम इस बात पर दबाव डालना जारी रखेंगे कि अन्य अमेरिकियों को रिहा किया जाए. इससे पहले रविवार को खबर आई थी कि हमास के आतंकियों ने 14 इजराइली व एक अमेरिकी समेत 17 और बंधकों को रिहा करने का काम किया. आपको बता दें कि चार दिनों की सीजफायर चल रहा है जिसमें चौथी बार बंधकों की रिहाई हुई है.

undefined

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुछ बंधकों के सीधे तौर पर इजराइल को सौंप दिया गया. वहीं अन्य बंधकों को मिस्र के रास्ते रवाना किया गया. इस रिहाई को लेकर इजराइल की सेना की ओर से कहा गया कि एक बंधक को विमान के जरिए सीधे अस्पताल पहुंचाया गया.

undefined

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बताया कि अमेरिका की एक बुजुर्ग महिला को हमास ने रिहा किया है. महिला बहुत बीमार थी और उसे तुरंत इलाज की जरूरत थी. रिहा किये गये बंधकों की उम्र चार से 84 साल के बीच बताई जा रही है.

Also Read: Israel Hamas War: संघर्ष विराम के दौरान क्या-क्या होगा ? जानें क्या बोले बेंजामिन नेतन्याहू
undefined

गाजा के 23 लाख लोगों को मिली कुछ राहत: उल्लेखनीय है कि शुक्रवार सुबह से ही सीजफायर जारी है. प्रभावी हुए इस सीजफायर से गाजा के 23 लाख लोगों को राहत मिली है. ये लोग पिछले कई हफ्तों से इजराइल द्वारा की जा रही लगातार बमबारी से परेशानी का सामना कर रहे थे. जरूरी चीजें भी इनतक नहीं पहुंच पा रही थी. इजराइल द्वारा की जा रही बमबारी में हजारों लोगों की जान चली गई जबकि तीन-चौथाई आबादी बेघर होने पर मजबूर हो गई.

undefined

संयुक्त राष्ट्र की ओर से कहा गया है कि युद्ध विराम से व्यापक स्तर पर खाद्य सामग्री, पानी और दवा की आपूर्ति का रास्ता खुल चुका है. यही नहीं, रसोई गैस की आपूर्ति भी शुरू की जा चुकी है. ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार रसोई गैस की आपूर्ति करने में सफलता मिली.

undefined

बेंजामिन नेतन्याहू ने क्या कहा : इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्ष विराम समाप्त होने के बाद युद्ध जारी रखने की बात कह चुके हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि हमास की सैन्य क्षमताओं को नष्ट किया जाएगा और गाजा में उसके 16 साल लंबे शासन को समाप्त किया जाएगा. नेतन्याहू ने 240 बंधकों को मुक्त करने का वादा किया है.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola