ईरानी स्पीकर गालिबाफ का दावा: F-35 जेट को हिट करना इत्तेफाक नहीं, कहा- हमारी टेक्नोलॉजी का कमाल

Published by : Govind Jee Updated At : 19 Apr 2026 2:08 PM

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ईरानी ने अमेरिका के F-35 जेट को निशाना बनाने का दावा किया.

Bagher Ghalibaf: ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने बताया कि ईरान की सेना ने लगभग 180 ड्रोन्स को नाकाम कर दिया और अमेरिका के सबसे आधुनिक F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को अपना निशाना बनाया.

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Bagher Ghalibaf: अल जजीरा ने ईरान की मीजान न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि गालिबाफ ने वाशिंगटन के साथ चल रही बातचीत की जानकारी देते हुए यह बातें कहीं. उन्होंने साफ कहा कि F-35 जेट को हिट करना कोई इत्तेफाक नहीं था, बल्कि यह ईरान की बेहतरीन प्लानिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी का नतीजा है.

ईरान ने दी अमेरिका को चेतावनी

ईरान की मीजान न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गालिबाफ ने जोर देकर कहा कि इस कार्रवाई से दुनिया को ईरान की बढ़ती ताकत का पता चला है. उन्होंने बताया कि F-35 जेट के पास हुए मिसाइल धमाके ने दुश्मन को यह समझा दिया है कि ईरान की डिफेंस टेक्नोलॉजी अब कितनी बदल चुकी है. पिछले महीने अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि ईरान के ऊपर ऑपरेशन कर रहे एक F-35 जेट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी. सीएनएन ने दो गुप्त सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि यह जेट ईरान की तरफ से हुई फायरिंग की चपेट में आने के बाद लैंड करने को मजबूर हुआ था.

डिप्लोमेसी पर भी बोले ईरानी स्पीकर

गालिबाफ ने मिलिट्री एक्शन के साथ-साथ डिप्लोमेसी पर भी बात की. उन्होंने खुलासा किया कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन कई बड़े मुद्दों पर अभी भी मतभेद बरकरार हैं. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, स्पीकर ने कहा कि जब पश्चिम देशों की धमकियां काम नहीं आईं, तब उन्होंने बातचीत का रास्ता चुना. उनका कहना था कि अमेरिका अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका, इसलिए अब वह बिचौलियों के जरिए मैसेज भेज रहा है.

मैदान-ए-जंग में जीत का दावा

युद्धविराम यानी सीजफायर को लेकर भी गालिबाफ ने अपनी बात रखी. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए रणनीतिक रूप से इस समझौते को माना है. वहीं, उनका कहना था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सीजफायर को इसलिए मंजूरी दी क्योंकि ईरान युद्ध के मैदान में जीत रहा था.

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ईरान वेनेजुएला नहीं है: गालिबाफ

अंत में, ईरानी स्पीकर ने अमेरिका के इरादों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के सिस्टम को बदलने और उसकी मिसाइल ताकत को खत्म करने की कोशिश में लगा था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, गालिबाफ ने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप शासन का तख्तापलट का सपना पूरा नहीं हुआ और सबको यह याद रखना चाहिए कि ईरान वेनेजुएला नहीं है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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