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India Pakistan Dispute: चीन और तुर्की ने किस प्रकार पाकिस्तानी सेना का समर्थन किया, पर्दे के पीछे की साजिश

Updated at : 11 May 2025 5:39 PM (IST)
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How China and Turkey supported Pakistani army

India Pakistan Dispute: चीन और तुर्की ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान का समर्थन किया, पाकिस्तानी सेना के झूठे दावों को प्रचारित कर सूचना युद्ध के माध्यम से भारत के खिलाफ मोर्चा खोला.

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India Pakistan Dispute: हाल ही में हुए पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया. इस बार एक नई बात यह देखने को मिली कि चीन और तुर्की ने इस संघर्ष में अप्रत्यक्ष रूप से लेकिन सक्रिय रूप से पाकिस्तान का पक्ष लिया. इन दोनों देशों ने पारंपरिक हथियारों से नहीं, बल्कि सूचना युद्ध यानी इंफॉर्मेशन वारफेयर के माध्यम से पाकिस्तान का साथ दिया.

चीन और तुर्की का समर्थन

यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन और तुर्की की सरकारी मीडिया एजेंसियों जैसे बीजिंग स्थित ग्लोबल टाइम्स, शिन्हुआ न्यूज एजेंसी और अंकारा आधारित TRT वर्ल्ड ने पाकिस्तान के प्रचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इन्होंने पाकिस्तान की सेना द्वारा किए गए कई झूठे दावों को बिना किसी तथ्यात्मक पुष्टि के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किया. इन मीडिया संस्थानों ने वैश्विक जनमत को प्रभावित करने की कोशिश की, जिससे पाकिस्तान के झूठे नैरेटिव को मजबूती मिली.

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विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम इन मीडिया संस्थानों की विश्वसनीयता को और भी नुकसान पहुंचाता है. ग्लोबल टाइम्स और शिन्हुआ जैसी एजेंसियों की निष्पक्षता पर पहले से ही संदेह रहा है, लेकिन TRT वर्ल्ड की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि तुर्की सरकार भी एकतरफा प्रचार में शामिल है, जिसका मकसद राष्ट्रपति एर्दोगन के राजनीतिक हितों को साधना है.

सूचना युद्ध का प्रभाव

आज का युग सिर्फ पारंपरिक हथियारों का नहीं, बल्कि सूचना का युद्ध है. आधुनिक युद्ध सिर्फ सीमा पर नहीं लड़े जाते, बल्कि सोशल मीडिया और वैश्विक मीडिया के मंचों पर भी धारणा बनाने की लड़ाई चलती है. सैनिकों के मनोबल को मजबूत करने या आम जनता की सोच को दिशा देने के लिए सूचना का इस्तेमाल एक शक्तिशाली हथियार बन गया है. यही कारण है कि चीन और तुर्की ने अपने मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाकिस्तान की छवि को बेहतर दिखाने और भारत को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की कोशिश की.

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चीन और तुर्की का यह कदम न केवल सूचना युद्ध में पाकिस्तान को मजबूत करता है, बल्कि इससे यह संकेत भी मिलता है कि भविष्य में अगर भारत-पाकिस्तान के बीच कोई बड़ा टकराव होता है, तो ये दोनों देश भारत की स्थिति को और जटिल बना सकते हैं. इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक कूटनीति में मीडिया एक नया और शक्तिशाली मोर्चा बन चुका है, जहां सच और झूठ के बीच की लकीर दिन-ब-दिन धुंधली होती जा रही है.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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