अडियाला जेल से शिफ्ट होंगे इमरान, ‘एक आंख गंवाने’ के बाद ये बनेगा नया ठिकाना
Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 14 Feb 2026 11:35 AM
इमरान खान को इस्लामाबाद जेल में शिफ्ट किया जा सकता है.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को एक आंख की 85% तक विजन लॉस हो गया है. यह समस्या उन्हें लापरवाही के कारण; समय पर इलाज न मिलने की वजह से झेलनी पड़ रही है. ऐसे में अब अडियाला जेल से उन्हें बाहर लाया जा सकता है और देश की राजधानी के हाईटेक जेल में उन्हें शिफ्ट किया जाएगा.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अडियाला जेल से इस्लामाबाद भेजा जाएगा. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को इस्लामाबाद में तैयार की जा रही नई जेल में स्थानांतरित किए जाने की तैयारी है. यह जानकारी आंतरिक मामलों के मंत्री मोहसिन नकवी ने दी है. नकवी ने मीडिया को बताया कि सरकार राजधानी में एक आधुनिक जेल व्यवस्था विकसित कर रही है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं, इलाज और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी. यह फैसला इमरान खान की बिगड़ती सेहत और उनकी हिरासत को लेकर बढ़ती राजनीतिक जांच के बीच लिया जा रहा है.
इस्लामाबाद मॉडल जेल को विशेष चिकित्सकीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. इसमें स्पेशलिस्ट मेडिकल केयर, इमरजेंसी रिस्पांस यूनिट्स और उन्नत जांच सुविधाएँ शामिल होंगी.इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैदियों को इलाज के लिए बार-बार जेल से बाहर न ले जाना पड़े और उन्हें जेल के अंदर ही समुचित चिकित्सा सुविधा मिल सके. इसका मकसद यह भी है; अदालत द्वारा इमरान खान की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं की रिपोर्ट का समाधान.
मोहसिन नक़वी ने कहा, ‘यह जेल हाई-प्रोफाइल कैदियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है, जहां पूर्ण चिकित्सकीय सहायता और कड़े सुरक्षा इंतजाम होंगे.’ यह सुविधा अगले दो महीनों में चालू होने की उम्मीद है. निर्माण कार्य और सुरक्षा ऑडिट अंतिम चरण में हैं. इसके बाद इमरान खान को वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा. इस केंद्र में सभी आवश्यक मेडिकल और रिहैबिलिटेशन सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध रहेंगी.
अदियाला जेल पर निर्भरता होगी कम
इस्लामाबाद की इस मॉडल जेल में बहुस्तरीय निगरानी, सीमित प्रवेश क्षेत्र और मजबूत परिधि नियंत्रण जैसी व्यवस्थाएँ होंगी, ताकि हाई रिस्क वाले कैदियों को संभाला जा सके. अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस बदलाव से अदालती कार्यवाही से जुड़ी लॉजिस्टिक्स आसान होंगी, क्योंकि इस्लामाबाद में सुनवाई होने से रावलपिंडी और संघीय अदालतों के बीच बार-बार होने वाले स्थानांतरण कम होंगे. इससे प्रशासनिक और सुरक्षा बोझ भी घटेगा.
इस कदम से रावलपिंडी की अदियाला जेल पर निर्भरता भी कम होगी. इसे अक्सर भीड़भाड़, सुरक्षा, प्रबंधन और हाई-प्रोफाइल बंदियों के साथ व्यवहार को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है.
मेडिकल रिपोर्ट में इमरान की सेहत को लेकर गंभीर खुलासे
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी सलमान सफदर ने इमरान खान को लेकर अपनी रिपोर्ट दायर की है. इसमें बताया गया है कि इमरान खान की दाहिनी आँख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी चली गई है. इसका कारण है अदियाला जेल में लगभग तीन साल तक समय पर इलाज न मिलना.
रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से इमरान खान को लगातार धुंधला दिखाई देने की समस्या थी. इसकी शिकायत उन्होंने कई बार जेल प्रशासन से की, लेकिन इलाज नहीं हुआ. बाद में उन्हें पीआईएमएस हॉस्पिटल में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) होने का पता चला, जिसके बाद प्रभावित आँख में केवल 15 प्रतिशत विजन बाकी रह गया.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सैन्य प्रतिष्ठान ने जनरल असीम मुनीर के नेतृत्व में बिना किसी पारंपरिक फॉरेंसिक सबूत छोड़े पीटीआई संस्थापक को स्थायी शारीरिक नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित कोशिश की. रिपोर्ट में यह भी पुष्टि की गई कि इमरान खान पिछले दो वर्षों से अधिक समय से एकांत कारावास में हैं. उन्हें नियमित मेडिकल जांच से वंचित रखा गया, दांतों की जांच की सुविधा नहीं दी गई और जेनेरल हेल्थ निगरानी भी सीमित रही.
परिवार से मुलाकात भी सीमित कर दी गई
इसके अलावा, उनके परिवार और कानूनी सलाहकारों तक पहुंच भी काफी सीमित रही. पिछले साल उन्हें 1 महीने तक उनकी बहनों से मुलाकात नहीं करने दी गई. इसके बाद उनके ऊपर पानी की बौछारें की गईं. उनकी पत्नी से साप्ताहिक 30 मिनट की मुलाकात की अनुमति हाल ही में मिली. 2025 में उनके बेटों से केवल दो बार संपर्क हो सका. उनके प्रमुख वकील से पांच महीनों तक मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई. इसकी वजह से इमरान खान के लिए कानूनी बचाव की तैयारी करना कठिन हो गया.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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