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स्पेन-पुर्तगाल की जमीन कर देगी हैरान! पूरा इलाका चुपचाप घूम रहा है, भूकंप की वजह भी सामने आई

Updated at : 23 Dec 2025 2:33 PM (IST)
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Iberian Peninsula Earthquake / Ai Image

Iberian Peninsula Earthquake / Ai Image

Iberian Peninsula Earthquake: स्पेन और पुर्तगाल की जमीन ऊपर से शांत दिखती है, लेकिन भूवैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार Iberian Peninsula धीरे-धीरे घूम रहा है. अफ्रीका और यूरोप की प्लेटों के दबाव से यह हलचल होती है, जिससे भूकंप अचानक आते हैं. यह अध्ययन भूवैज्ञानिक (Geologist) तनाव और संवेदनशील क्षेत्रों को समझने में मदद करता है.

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Iberian Peninsula Earthquake: ऊपर से देखें तो स्पेन और पुर्तगाल बिल्कुल शांत लगते हैं. सड़कें ठीक हैं, इमारतें खड़ी हैं, और जमीन हिलती नहीं दिखती. लेकिन भूवैज्ञानिकों की मानें तो असल कहानी जमीन के नीचे चल रही है. नई रिसर्च बताती है कि Iberian Peninsula, यानी स्पेन और पुर्तगाल का पूरा इलाका, धीरे-धीरे खुद के अक्ष पर घूम रहा है. यह इतना धीमा है कि इंसान इसे कभी महसूस नहीं कर सकता. लेकिन हजारों और लाखों सालों में इसका असर साफ दिखता है. यही वजह है कि यहां भूकंप कई बार अचानक और बिना किसी साफ वजह के आते हैं. उदाहरण के लिए, सोचिए कि आप एक बहुत बड़े घड़ी के गियर में खड़े हैं. घड़ी बाहर से स्थिर दिखती है, लेकिन गियर धीरे-धीरे घूम रहा है. इंसान इसे तुरंत नहीं देख पाएगा, लेकिन सालों में फर्क साफ दिखाई देगा.

Iberian Peninsula Earthquake in Hindi: अफ्रीका और यूरोप के बीच फंसा स्पेन-पुर्तगाल

स्पेन और पुर्तगाल धरती की टेक्टोनिक प्लेट पर टिके हुए हैं. ये प्लेटें बहुत धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं. अफ्रीका और यूरोप की प्लेटें एक-दूसरे की तरफ बढ़ रही हैं और हर साल 4 से 6 मिलीमीटर की दूरी कम हो रही है. दुनिया के कई हिस्सों में ऐसी टक्कर से साफ दरारें बनती हैं, लेकिन दक्षिणी स्पेन और पुर्तगाल में मामला थोड़ा अलग है. यहां दबाव किसी एक जगह पर नहीं निकलता, बल्कि पूरा इलाका इसे झेलता है, जिससे Iberian Peninsula धीरे-धीरे घड़ी की सुई की दिशा में घूमने लगता है.

रिसर्च क्या कहती है?  

Gondwana Research नाम की जर्नल में छपी स्टडी के मुताबिक, पश्चिमी भूमध्यसागर में अफ्रीकी और यूरोपीय प्लेटों की सीमा साफ नहीं है. इसका मतलब यह कि दबाव किसी एक बड़ी दरार पर नहीं निकलता. पूरा इलाका इसे झेलता है, जिसमें स्पेन और पुर्तगाल भी आते हैं. इस वजह से पूरा Iberian Peninsula यूरोप के साथ सीधे खिसकने के बजाय घूमने लगता है, जैसे दो ताकतों के बीच फंसा कोई गियर. इस पूरी हलचल में सबसे अहम इलाका है Alboran Domain, जो दक्षिणी स्पेन और उत्तरी मोरक्को के बीच फैला है. यह इलाका अफ्रीका और यूरोप की प्लेटों के बीच फंसा हुआ है और पश्चिम की ओर धकेला जा रहा है. इसी दबाव से Gibraltar Arc बना, जो स्पेन की Betic पहाड़ियों और मोरक्को की Rif पहाड़ियों को जोड़ता है. यही कारण है कि जिब्राल्टर स्ट्रेट का भूगोल वैज्ञानिकों के लिए आज भी मुश्किल पहेली बना हुआ है. (Iberian Peninsula Earthquake Spain Portugal Slow Rotation in Hindi)

दबाव हर जगह अलग होता है

दबाव हर इलाके में अलग तरीके से महसूस होता है. कहीं अफ्रीकी प्लेट सीधे यूरोपीय प्लेट से टकराती है, जिससे जमीन दबती है. कहीं दबाव बगल की तरफ निकल जाता है और जमीन धीरे-धीरे सरकती है. जिब्राल्टर के दक्षिण-पश्चिम में अफ्रीकी प्लेट एक पिस्टन की तरह काम करती है और Iberian Peninsula को धीरे-धीरे घुमाती है. इस हलचल को भूकंपीय रिकॉर्ड और सैटेलाइट GPS से मापा गया है, जो साल में कुछ मिलीमीटर की हलचल भी पकड़ लेते हैं. उदाहरण के लिए, सोचिए कि आप रेत पर खड़े हैं और किसी ने धीरे-धीरे आपके पैरों को खिसकाया. ऊपर से आपको कुछ नहीं लगेगा, लेकिन लंबे समय में आपकी स्थिति बदल जाएगी.

भूकंप की पहेली

इसी वजह से स्पेन और पुर्तगाल में भूकंप अपेक्षा से ज्यादा आते हैं और कई बार किसी साफ फॉल्ट लाइन से जुड़े नहीं दिखते. भूवैज्ञानिक आसियर मदारिएटा के अनुसार, Iberian Peninsula में कई ऐसे इलाके हैं जहां जमीन में हलचल जारी है, लेकिन जिम्मेदार टेक्टोनिक संरचनाएं जमीन के नीचे छिपी हुई हैं. यह समझना जरूरी है कि पूरा इलाका धीरे-धीरे घूम रहा है. इससे वैज्ञानिकों को पता चलता है कि कहां दबाव जमा हो रहा है और कौन से इलाके ज्यादा संवेदनशील हैं. हालांकि इससे भूकंप की सटीक तारीख बताना अभी भी संभव नहीं है.

इस रिसर्च का मतलब यह नहीं कि स्पेन और पुर्तगाल अचानक खतरनाक हो गए हैं. रातों-रात जमीन घूमेगी नहीं. लेकिन यह साफ हो गया है कि इस इलाके की भूगर्भीय कहानी उतनी शांत नहीं है जितनी दिखती है. धरती के लंबे समय के पैमाने पर देखें तो Iberian Peninsula चुपचाप घूम रहा है, उन ताकतों के असर में जो इंसान के आने से बहुत पहले शुरू हुई थीं और इंसान के जाने के बाद भी जारी रहेंगी. यानी जमीन स्थिर दिखती है, लेकिन असल में धीरे-धीरे बदल रही है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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