फ्रांस ने जब्त किया रूस से आ रहा समुद्री जहाज, क्रू मेंबर है भारतीय, मैंक्रों बोले यह बर्दाश्त नहीं...

Updated at : 23 Jan 2026 7:14 AM (IST)
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फ्रांस ने जब्त किया रूस से आ रहा समुद्री जहाज, क्रू मेंबर है भारतीय, मैंक्रों बोले यह बर्दाश्त नहीं...
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (बाएं) ने यह फोटो साझा करते हुए तेल टैंकर जब्त करने की जानकारी दी. फोटो- एक्स.

France Seizes Russian Oil Tanker: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को एक तेल टैंकर वाले समुद्री जहाज को जब्त करने की जानकारी दी. उनके अनुसार यह जहाज रूस से आ रहा था. फ्रांस को यह कार्रवाई करने में ब्रिटेन ने मदद की. इस जहाज पर अफ्रीकी देश कोमोरोस का झंडा लगा हुआ था.

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France Seizes Russian Oil Tanker: फ्रांस ने रूस से जुड़े एक तेल जहाज पर कार्रवाई करते हुए उसे समुद्र में रोक लिया. फ्रांस के अधिकारियो ने उस पर नियम तोड़ने और प्रतिबंधों से बचने का शक जताया. गुरुवार को फ्रांसीसी नौसेना ने यह कार्रवाई भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) में की. फ्रांस का कहना है कि उसने यह कदम रूस के उन जहाजों के खिलाफ उठाया गया है, जो चोरी-छिपे तेल ढोकर अंतरराष्ट्रीय नियमों से बचने की कोशिश करते हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यह जानकारी गुरुवार को साझा की. उन्होंने साफ कहा कि फ्रांस अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं देगा.

मैक्रों के अनुसार, यह जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में शामिल था और शक है कि यह रूस की ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा है. ऐसे जहाज अक्सर असली पहचान छिपाने के लिए दूसरे देश का झंडा लगाकर चलते हैं. जहाजों पर नजर रखने वाली वेबसाइटों MarineTraffic और Vesselfinder के मुताबिक, रूस का यह टैंकर कोमोरोस देश का झंडा लगाए हुए था.

मैक्रों ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि फ्रांसीसी नौसेना ने सुबह रूस से आ रहे इस तेल टैंकर को रोका. यह कार्रवाई भूमध्य सागर के खुले पानी में की गई और इसमें फ्रांस के कुछ सहयोगी देशों ने भी मदद की. उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के मुताबिक की गई है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जहाज को दूसरी दिशा में भेज दिया गया है. मैक्रों ने कहा कि फ्रांस नियमों का पालन करवाने और प्रतिबंधों को सही तरह से लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि शैडो फ्लीट से होने वाली कमाई यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में इस्तेमाल होती है.

जहाज का क्रू मेंबर है भारतीय

वहीं एपी (Associated Press) की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन से मिली जानकारी के बाद फ्रांस के समुद्री अधिकारियों ने बताया कि ‘ग्रिंच’ नाम का यह जहाज गलत देश का झंडा लगाकर चल रहा था. यह 2004 में बना था. इस जहाज पर कोमोरोस देश का झंडा लगा था, जो अफ्रीका के पास है, जबकि असल में इसका उससे कोई सीधा संबंध नहीं था.

अधिकारियों ने यह भी कहा कि जहाज पर काम करने वाले लोग भारतीय हैं. यह तेल टैंकर पश्चिमी भूमध्य सागर में, स्पेन के दक्षिणी शहर अलमेरिया के पास पकड़ा गया. फ्रांसीसी नौसेना इस जहाज को अब जांच के लिए सुरक्षित तरीके से बंदरगाह तक ले जा रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके.

ब्रिटेन ने दी अहम जानकारी

France 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांसीसी नौसेना ने स्पेन और मोरक्को के बीच ‘ग्रिंच’ नाम के एक तेल टैंकर को रोका. यह जहाज रूस के आर्कटिक इलाके के मुरमान्स्क बंदरगाह से चला था. ‘ग्रिंच’ नाम का एक जहाज ब्रिटेन के प्रतिबंधों में है, जबकि उसी नंबर से जुड़ा ‘कार्ल’ नाम का दूसरा जहाज अमेरिका और यूरोप के प्रतिबंधों के तहत आता है. एपी के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन में ब्रिटेन ने अहम भूमिका निभाई. ब्रिटेन ने जानकारी जुटाकर फ्रांस के साथ साझा की, जिससे इस जहाज को समय रहते रोका जा सका.

‘तेल की कमाई से यूक्रेन युद्ध फंड हो रहा’

पश्चिमी देशों का मानना है कि तेल से होने वाली कमाई रूस के लिए बहुत अहम है. इसी पैसे से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध पर खर्च कर पा रहे हैं, बिना अपने देश में महंगाई बढ़ाए या अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाए. इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें एक फ्रांसीसी हेलीकॉप्टर जहाज के ऊपर उड़ता दिख रहा है. मैक्रों ने आगे कहा कि ‘शैडो फ्लीट’ से मिलने वाला पैसा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल किया जा रहा है.

जेलेंस्की ने जताई खुशी

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने फ्रांस की इस कार्रवाई की तारीफ की और मैक्रों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि यह रूस को युद्ध के लिए पैसा मिलने से रोकने का एक जरूरी और सख्त कदम है. एक्स पर जेलेंस्की ने लिखा, ‘धन्यवाद फ्रांस, धन्यवाद मैक्रों. रूस के तेल से होने वाली कमाई को रोकने के लिए ऐसे ही मजबूत फैसलों की जरूरत है. यूरोप के पास चल रहे रूसी टैंकरों को रोका जाना चाहिए. शैडो फ्लीट पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. जहाजों को पकड़ा जाए और उनमें भरे तेल को जब्त किया जाए.’

फ्रांस ने पहले भी जब्त किया था रूसी तेल टैंकर

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब फ्रांस और कई दूसरे देश मिलकर रूस के उन तेल जहाजों पर सख्ती कर रहे हैं, जो नियमों से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. माना जाता है कि ऐसे 400 से ज्यादा जहाज इस नेटवर्क में शामिल हैं. France 24 के अनुसार, सितंबर के आखिर में फ्रांस ने ‘बोराके’ नाम के एक और रूस से जुड़े जहाज को पकड़ा था, जो खुद को बेनिन का जहाज बता रहा था. उस समय रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फ्रांस की इस कार्रवाई को ‘समुद्री डकैती’ कहा था.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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