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फ्रांसीसी राष्ट्रपति की पत्नी को बताया मर्द! अमेरिकी पत्रकार का दावा

Updated at : 24 Jul 2025 6:24 PM (IST)
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France First Lady Gender Row

फ्रांस की प्रथम महिला का लिंग विवाद

France First Lady: अमेरिकी पत्रकार कैंडेस ओवेन्स के आरोपों के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट ने मानहानि का मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि ब्रिगिट जन्म से पुरुष थीं.

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France First Lady: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अक्सर अपने राजनीतिक फैसलों के साथ-साथ निजी जीवन को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं. विशेष रूप से उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों को लेकर चर्चा और विवाद की स्थिति बनती रही है. कभी उनकी प्रेम कहानी तो कभी सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान छोटे-मोटे पलों पर इंटरनेट चर्चा में आ जाता है. हाल ही में एक बार फिर राष्ट्रपति की पत्नी ब्रिगिट सुर्खियों में हैं लेकिन इस बार मामला कहीं ज्यादा गंभीर और कानूनी है. 

पॉडकास्ट में सनसनीखेज आरोप

अमेरिका की दक्षिणपंथी पत्रकार और पॉडकास्टर कैंडेस ओवेन्स ने अपनी पॉडकास्ट सीरीज Becoming Brigitte में यह सनसनीखेज दावा किया है कि राष्ट्रपति मैक्रों की 72 वर्षीय पत्नी ब्रिगिट मैक्रों जन्म से पुरुष थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रिगिट ने लिंग परिवर्तन (जेंडर ट्रांजिशन) करवाया और पहले उनका नाम ज्यां मिशेल ट्रोग्नेक्स था, जो वास्तव में ब्रिगिट के बड़े भाई का नाम है.

यह दावा केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संवैधानिक पद पर बैठे फ्रांस के राष्ट्रपति की छवि पर भी सीधा प्रहार माना गया. आरोप सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई और मामला फ्रांस से अमेरिका तक चर्चा का विषय बन गया.

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France First Lady: मैक्रों दंपति की कड़ी प्रतिक्रिया 

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट ने कैंडेस ओवेन्स के खिलाफ डेलावेयर सुपीरियर कोर्ट में एक मानहानि का मुकदमा दायर किया है, जिसकी क्षतिपूर्ति राशि $1 मिलियन (लगभग ₹8.4 करोड़) बताई गई है. शिकायत में कहा गया है कि यह आरोप झूठा, अपमानजनक और वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की कोशिश है जो पूरी तरह से बेबुनियाद है. मैक्रों दंपति ने कहा कि उन्होंने ओवेन्स को बार-बार चेतावनी दी थी कि वह अपने बयान वापस लें, लेकिन जब कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला, तब उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया.

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पहले भी उठ चुके हैं सवाल

ब्रिगिट मैक्रों को लेकर इस तरह की अफवाहें पहले भी 2021 में सामने आई थीं. हालांकि तब फ्रांस की एक अदालत ने इस पर दो महिलाओं को दोषी पाया था, लेकिन एक अपीली अदालत ने उस फैसले को पलट दिया, और मामला अब फ्रांस की सर्वोच्च अदालत में लंबित है. फ्रेंच प्रेसिडेंट और उनकी पत्नी की ओर से यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक हस्तियों की छवि और निजता की रक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश माना जा रहा है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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