पुतिन के आगे सब पस्त, यूक्रेन पीस प्लान पर जेलेंस्की भी लगभग सहमत, अब क्या ट्रंप के दामाद जाएंगे मॉस्को?

Updated:
विज्ञापन

डोनाल्ड ट्रंप के पीस प्लान पर कितनी प्रगति हुई?

Donald Trump Ukraine Peace Plan: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध संघर्ष को समाप्त करने के लिए बनाए जा रहे ड्राफ्ट प्रस्ताव पर चल रही चर्चा के बीच बड़ी शक्तियों के बीच मुलाकात होने वाली है. डोनाल्ड ट्रंप के पीस प्लान पर सभी पक्ष एक तरह से राजी होते नजर आ रहे हैं.

विज्ञापन

Donald Trump Ukraine Peace Plan: रूस और यूक्रेन युद्ध अब रुक सकता है. क्यों? क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूक्रेन पीस प्लान पर सहमति बनती दिख रही है. डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत की मुलाकात सीधे व्लादिमिर पुतिन से होगी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ अगले हफ्ते मॉस्को का दौरा करेंगे. ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी संभवतः विटकॉफ के साथ जा सकते हैं. वहीं ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल यूक्रेनी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मिलना चाहते हैं, हालांकि तब तक नहीं जब तक कोई समझौता अधिक ठोस न हो जाए. रूस ने भी इस प्रस्ताव पर एक तरह की सहमति पहले भी दे ही दी थी. जबकि एक और पक्ष यूरोप था, जिसने थोड़ा बहुत रोष जाहिर किया था, लेकिन अब वह भी मानता दिख रहा है. यह सारा घटनाक्रम रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध संघर्ष को समाप्त करने के लिए बनाए जा रहे ड्राफ्ट प्रस्ताव पर चल रही चर्चा के बीच हो रहा है. 

ट्रंप ने एयर फोर्स वन पर कहा- मैं चाहता हूँ कि यह खत्म हो जाए, और कुछ समय तक हमें पता नहीं चलेगा, लेकिन हाँ, हम प्रगति कर रहे हैं. इससे पहले ट्रंप ने यूक्रेन को प्रस्तावित शांति योजना स्वीकार करने के लिए गुरुवार, 27 नवंबर की समयसीमा तय की थी. नई समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा- मेरे लिए असली समयसीमा क्या है? जब यह खत्म होगा. उन्होंने संकेत दिया कि हालांकि क्षेत्रीय सीमाओं को लेकर कुछ मतभेद अभी भी हैं, लेकिन काम आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि सीमा को साफ करने की कोशिश की जा रही है, आप घर के बीच से या हाईवे के बीच से नहीं गुजर सकते. वे कुछ समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, यह एक जटिल प्रक्रिया है.

दामाद कुश्नर के रूस जाने पर क्या बोले ट्रंप?

कुशनर के विटकॉफ के साथ जाने के बारे में ट्रंप ने कहा- मुझे जेरेड के जाने को लेकर पक्का नहीं है, लेकिन वह प्रक्रिया में शामिल हैं, बहुत समझदार व्यक्ति हैं. वे अगले हफ्ते मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन से मिलने जा रहे हैं, मेरा मानना है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार युद्ध समाप्त करने के लिए ड्राफ्ट प्रस्ताव पर प्रगति हो रही है, लेकिन अभी भी कम से कम तीन महत्वपूर्ण मुद्दे अटके हुए हैं.

रूस ने दिया सधा और शर्तिया बयान

ट्रंप ने एयर फोर्स वन पर कहा कि रूस कुछ कदमों पर सहमत हुआ है. वे रियायतें दे रहे हैं. उनकी बड़ी रियायत यही है कि वे लड़ाई बंद कर देंगे और कोई और जमीन नहीं लेंगे. वहीं रूसी अधिकारियों ने शांति योजना पर अपने बयान सावधानी से दिए हैं. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार (25 नवंबर 2025) को कहा कि मॉस्को शांति प्रयासों को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में है. लावरोव ने कहा- हम उम्मीद करते हैं कि वे हमें एक ऐसा मसौदा देंगे, जिसे वे अंतरिम मानते हैं. ऐसा मसौदा जो यूरोपीय और यूक्रेनी पक्ष के साथ इसके तालमेल को पूरा करने की दिशा में हो. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पहले संकेत दिया था कि अगर संशोधित अमेरिकी शांति योजना की शर्तें अलास्का में कुछ महीने पहले हुए ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन में बनी समझ से मूल रूप से भिन्न होंगी, तो मॉस्को उसे खारिज कर सकता है.

यूक्रेन ने भी जताई सहमति

इससे पहले खबर थी कि यूक्रेन ने रूस के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए प्रस्तावित समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने मंगलवार को बताया. हालांकि राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि कई मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं. अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल अबू धाबी में रूसी प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे, वहां यूक्रेनियों ने शांति समझौते पर सहमति जताई है. कुछ छोटे विवरण बाकी हैं, लेकिन वे शांति समझौते पर सहमत हो गए हैं.

इसके अलावा यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव, रुस्तम उमेरोव, ने एक्स पर लिखा कि दोनों पक्षों ने जिनेवा में चर्चा किए गए समझौते की मुख्य शर्तों पर साझा समझ हासिल कर ली है. उन्होंने कहा कि कीव अब यूरोपीय साझेदारों से समर्थन की उम्मीद करता है और अमेरिका की यात्रा की तैयारी कर रहा है, जहाँ जेलेंस्की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अंतिम कदम पूरे करने और समझौता पक्का करने की उम्मीद रखते हैं.

रूस का हमला अब भी जारी है

हालांकि रूस ने इस बातचीत के दौरान भी हमले करने से रुका नहीं है. तमाम हाई लेवल बातचीत के दौरान रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर रातभर हमलों की बौछार की, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और शहर की इमारतों तथा ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुँचा. दक्षिणी रूस पर यूक्रेन के एक हमले में तीन लोगों की मौत हुई और घर क्षतिग्रस्त हुए.

ट्रंप के यूक्रेन पीस प्लान में क्या है?

अमेरिका द्वारा तैयार मूल शांति योजना में कई ऐसे प्रस्ताव शामिल हैं, जिन्हें पिछली वार्ताओं में यूक्रेन ने खारिज किया था. इस योजना के तहत यूक्रेन को अपनी सेना के आकार पर सीमाएं स्वीकार करनी होंगी, नाटो में शामिल होने के प्रयास छोड़ने होंगे और कुछ इलाकों को सौंपना होगा, जो रूस की लंबे समय से चली आ रही मांगें हैं. वहीं प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि कीव को डोनबास क्षेत्र के उन हिस्सों को छोड़ना होगा, जिन्हें रूस अपना बताता है लेकिन पूरी तरह नियंत्रित नहीं करता. यह क्षेत्र यूक्रेन की रक्षा रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण किलेबंद शहरों और कस्बों का इलाका है. जेलेंस्की बार-बार रूस की इस मांग को खारिज कर चुके हैं कि यूक्रेन पूर्वी डोनबास छोड़ दे, बदले में रूस खेरसॉन और जापोरिज्झिया के कुछ कब्जे वाले क्षेत्रों पर नियंत्रण दे दे.

यूरोप ने जाहिर की थी अपनी चिंता

ट्रंप की लगभग चार साल पुराने युद्ध को समाप्त करने की योजना पिछले सप्ताह सामने आई थी. यह योजना रूस के पक्ष में भारी झुकी हुई थी, जिसके चलते जेंलेंस्की ने तुरंत अमेरिकी वार्ताकारों से संपर्क किया. यूरोपीय नेता रूसी आक्रामकता का भविष्य में सामना करने को लेकर चिंतित थे, लेकिन प्रस्ताव तैयार करते समय ट्रंप द्वारा इन सभी को लगभग अलग रखा गया था. वार्ता को इस दिशा में मोड़ने में जुट गए कि उनकी चिंताओं को भी शामिल किया जा सके.

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूक्रेन की सीमाएँ बलपूर्वक बदली नहीं जा सकतीं और किसी भी ऐसी शांति योजना के खिलाफ चेतावनी दी, जो यूक्रेन की सेना को कमजोर करे. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता जो यूक्रेन को भविष्य के हमलों के लिए असुरक्षित छोड़ दे.

ये भी पढ़ें:-

एडॉल्फ हिटलर की होगी वापसी, कौन हैं प्रसीडेंशियल रेस में लगे ऊनोना जिनका नाम बना सुर्खियां?

डोनाल्ड ट्रंप ने वॉडल और गॉबल को किया माफ, थैंक्सगिविंग, टर्की और व्हाइट हाउस में माफी का क्या है कनेक्शन?

क्या काश पटेल को हटाने वाले हैं डोनाल्ड ट्रंप? गर्लफ्रेंड को लेकर चर्चा में रहे FBI डायरेक्टर, व्हाइट हाउस ने कही ये बात

विज्ञापन
अनन्त नारायण शुक्ल

लेखक के बारे में

By अनन्त नारायण शुक्ल

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola