Iran: ईरान में इस साल 354 लोगों को दी गयी सजा-ए-मौत, जानें आखिर क्या है कारण

Updated at : 04 Jul 2023 5:20 PM (IST)
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Iran: ईरान में इस साल 354 लोगों को दी गयी सजा-ए-मौत, जानें आखिर क्या है कारण

मनावाधिकार संगठन द्वारा पेश किये गए एक रिपोर्ट के अनुसार देश में हो रहे इन विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए और लोगों के मन में डर जगाने के लिए फांसी की सजा में बढ़ोतरी की गयी थी.

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Execution in Iran: ईरान में साल 2023 में अभी तक 354 लोगों को फांसी दी जा चुकी है. पिछले साल की तुलना में इस साल फांसी की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. फांसी की सजा में आयी तेजी को ध्यान में रखते हुए नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स ने एक चेतावनी भी जारी कर दी है. मामले पर रौशनी डालते हुए मानवाधिकार संगठन ने कहा कि, पिछले साल की तुलना में यह संख्या काफी ज्यादा है. जानकारी के लिए बता दें हिजाब विरोधी प्रदर्शन के दौरान महसा ईरानी नाम की एक महिला को सही तरीके से हिजाब नहीं पहनने के आरोप में ईरान की पुलिस ने गिरफ्तार करलिया था और इसी दौरान उस महिला की मौत हो गयी थी. महसा की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन और भी ज्यादा तेज हो गया था. इस विरोध प्रदर्शन का असर पूरे ईरान में देखा जाने लगा था.

फांसी की सजा में की गयी थी बढ़ोतरी

मनावाधिकार संगठन द्वारा पेश किये गए एक रिपोर्ट के अनुसार देश में हो रहे इन विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए और लोगों के मन में डर जगाने के लिए फांसी की सजा में बढ़ोतरी की गयी थी. पेश की गयी एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2022 में ईरान में 582 लोगों को मौत की सजा दी गयी थी. पिछले साल की तुलना में इस साल अभी तक 354 लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है. वहीं, बात करें साल 2022 के पहले छह महीनों की तो उस दौरान देश में केवल 261 लोगों को ही सजा-ए-मौत दी गयी थी. यह आंकड़े साफ़ इशारा करते हैं कि, पिछले साल की तुलना में इस साल 36 प्रतिशत ज्यादा सजा दी गयी है. जारी किये गए रिपोर्ट में इस बात पर भी ध्यान दिया गया है कि ईरान में मारे गए लोगों में से 20 प्रतिशत बलूच माइनॉरिटी हैं.

क्यों दी गयी फांसी की सजा

पेश की गयी रिपोर्ट के अनुसार इनमें से अधिकतर लोगों को ड्रग्स के आरोपों में फांसी की सजा दी गयी है. साल 2023 में ड्रग्स के मामलों में 206 लोगों को सजा-ए-मौत दी गयी है. यह आंकड़े पिछले साल की तुलना में 126 प्रतिशत अधिक हैं. मामले पर बात करते हुए आईएचआर के निदेशक महमूद अमीरी-मोघदाम ने कहा कि, मौत की सजा समाज में डर पैदा करने और अधिक विरोध-प्रदर्शनों पर रोकने लगाने के लिए दिया जाता है। फांसी की सजा उन लोगों को दी गई है, जो समाज में ड्रग्स बेचने का काम कर रहे थे.

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