Corona Vaccination: वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज से कोरोना के मामले घटे, रिसर्च में खुलासा

कुछ ही समय पहले कोरोना और उसके टीकाकरण पर रिसर्च किया गया था. इस रिसर्च के बाद जो नतीजे सामने आये उनसे पता चलता है कि, वैक्सीनेशन और बूस्टर खुराक से ओमीक्रोन की पहली लहर के दौरान कैलिफोर्निया की जेलों में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिली है.
Research On Corona Vaccination: हाल ही में अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन फ्रांसिस्को के रिसर्चर्स ने कोरोना और उसके टीकाकरण को लेकर एक काफी बड़ा खुलासा किया है. रिसर्च के नतीजों की मानें तो वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज की मदद से Omicron के पहले वेव के दौरान कैलिफोर्निया के जेलों में कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सका है. इस रिसर्च में शोधकर्ताओं ने टीकाकरण और बूस्टर डोज के कई और फायदे भी बताये गए हैं.
Covid -19 पेंडेमिक पर काबू के लिए हाल ही में हुए टीकाकरण और बूस्टर खुराक से संक्रामकता में कमी आई है. लेकिन, संक्रमण या फिर इन्फेक्शन का खतरा अब भी ऊंचा बना हुआ है. कैलिफोर्निया की जेलों में हुए एक रिसर्च में यह खुलासा हुआ है. अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन फ्रांसिस्को के रिसर्चर्स के अनुसार, हालिया वैक्सीनेशन और बूस्टर खुराक से ओमीक्रोन की पहली लहर के दौरान कैलिफोर्निया की जेलों में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिली है.
रिसर्च में टीकाकरण और बूस्टर खुराक के फायदे बताए गए हैं. कई लोग अब भी संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन टीकाकरण से प्रसार को कम करने में मदद मिली है. शोध में बूस्टर डोज के असर को भी दिखाया गया है और पूर्व में वायरस से संक्रमित हो चुके लोगों को टीकाकरण से अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है. प्रत्येक अतिरिक्त खुराक के साथ संक्रमण प्रसार की आशंका 11 प्रतिशत तक कम हो गई.
रिसर्च के वरिष्ठ लेखक नाथन लो ने कहा- संक्रामकता कम करने के लिए, उन लोगों की खातिर टीकों के कई फायदे बताए गए हैं. जो बूस्टर खुराक ले चुके हैं और जिन्होंने हाल ही में टीका लगवाए हैं. हमारी रिपोर्ट सिर्फ बंद स्थानों पर रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य संबंधी लाभ के संबंध में है.
रिसर्चर्स ने अमेरिका के कैलिफोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस एंड रिहैबिलिटेशन (CDCR) द्वारा एकत्र आंकड़ों का विश्लेषण किया. आंकड़ों में कोरोना वायरस की जांच के परिणाम के साथ ही 1,11,687 लोगों का ब्यौरा भी शामिल हैं. 15 दिसंबर 2021 से 20 मई 2022 तक किए गए इस रिसर्च में शामिल लोगों में 97 प्रतिशत पुरुष थे और इस अध्ययन की रिपोर्ट नेचर मेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित भी हुई है. (भाषा इनपुट के साथ)
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