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China Victory Day Parade: चीन की विजय परेड में पुतिन-किम समेत 26 विदेशी नेता होंगे शामिल, जापान ने जताई कड़ी आपत्ति

Updated at : 28 Aug 2025 12:42 PM (IST)
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AI photo of Xi, Putin and Kim Jong Un

AI photo of Xi, Putin and Kim Jong Un

China Victory Day Parade: चीन तीन सितंबर को विजय दिवस परेड का आयोजन करेगा, जिसमें रूस के राष्ट्रपति पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम समेत 26 विदेशी नेता शामिल होंगे. जापान ने इसे ‘जापान-विरोधी’ बताकर नेताओं को दूरी बनाने की अपील की, जिस पर चीन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया.

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China Victory Day Parade: चीन ने गुरुवार को घोषणा की कि वह आगामी तीन सितंबर को आयोजित होने वाले विजय दिवस समारोह को बड़े पैमाने पर मनाएगा. इस आयोजन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन समेत कुल 26 देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे. चीन इस अवसर को द्वितीय विश्व युद्ध में जापानी आक्रमण के खिलाफ मिली जीत और वैश्विक स्तर पर फासीवाद की हार की 80वीं वर्षगांठ के रूप में मना रहा है.

बीजिंग ने बताया है कि समारोह में विदेशी नेताओं की मौजूदगी को विशेष महत्व दिया जा रहा है. वहीं, इस आयोजन को लेकर चीन और जापान के बीच कूटनीतिक तनातनी तेज हो गई है. जापान का कहना है कि इस परेड का स्वरूप ‘जापान-विरोधी’ प्रतीत होता है, इसलिए उसने अन्य देशों से इसमें भाग लेने से बचने का आग्रह किया है. जापानी एजेंसी ‘क्योदो’ के अनुसार, तोक्यो ने अपने दूतावासों के माध्यम से संदेश भेजा कि चीन का यह आयोजन पुराने घाव कुरेद सकता है, इसलिए विश्व नेताओं को इसमें शामिल होने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.

चीन ने जापान की इस अपील को खारिज करते हुए कड़ा रुख दिखाया है. बीजिंग ने साफ कहा कि अगर जापान वास्तव में अतीत को पीछे छोड़ना चाहता है तो उसे पहले अपने आक्रामक इतिहास को स्वीकारना होगा, सैन्यवाद से दूरी बनानी होगी और पीड़ित देशों की भावनाओं का सम्मान करना होगा. चीन के सहायक विदेश मंत्री होंग लेई ने घोषणा की कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर 26 विदेशी नेता परेड में शामिल होंगे.

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यह भव्य सैन्य परेड बीजिंग में आयोजित की जाएगी और इससे ठीक पहले 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन होगा. चीन की रणनीति यह है कि एससीओ सम्मेलन में आने वाले विश्व नेताओं को सीधे विजय दिवस परेड में भी जोड़ा जाए. यही कदम जापान को सबसे ज्यादा खटक रहा है.

एससीओ शिखर सम्मेलन में इस बार कई महत्वपूर्ण नेता शामिल होंगे. इनमें तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोआन, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह के नाम प्रमुख हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस भी इसमें शिरकत करेंगे.

भारतीय संदर्भ में देखा जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जापान यात्रा पूरी करने के बाद तियानजिन में एससीओ सम्मेलन में भाग लेंगे. भारतीय उपमहाद्वीप से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भी इस मंच पर मौजूद रहेंगे. दरअसल, चीन इस आयोजन के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के खिलाफ उसके संघर्ष को दुनिया भुलाए नहीं. साथ ही, वह अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ खड़े होकर अपनी भू-राजनीतिक शक्ति और कूटनीतिक पकड़ को और मजबूत करना चाहता है.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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