चीन ने अंतरिक्ष में तीन एस्ट्रोनॉट्स के साथ 4 चूहे क्यों भेजे? 296 को हराकर बने स्पेस माउस, स्पेसक्राफ्ट ने बनाया स्पीड रिकॉर्ड

चीनी अंतरिक्ष यान शेनझोउ-21 3 अंतरिक्ष यात्रियों और 4 चूहों को लेकर अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा. AI जेनेरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर.
Chinese Space mission Shenzhou-21: चीन ने शुक्रवार को शेनझोउ-21 मिशन के तहत अपने अंतरिक्ष स्टेशन में तीन यात्रियों के साथ 4 चूहे भेजे हैं. उसका यह अंतरिक्ष यान रिकॉर्ड समय में तियानगोंग की परिक्रमा कर रहा है. चीन के इन चारों चूहों ने 300 चूहों को हराकर अपनी जगह पक्की की है.
Chinese Space mission Shenzhou-21: चीन ने शुक्रवार को शेनझोउ-21 (Shenzhou-21) मिशन लॉन्च किया, जिसमें देश के सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री के साथ चार चूहे भी भेजे गए हैं. यह अंतरिक्ष यान अब तियानगोंग (Tiangong) स्पेस स्टेशन की परिक्रमा कर रहा है. चीनी स्पेस स्टेशन, जिसमें तीन-तीन अंतरिक्ष यात्रियों की रोटेशनल टीमें रहती हैं, चीन के अरबों डॉलर के अंतरिक्ष कार्यक्रम का फोकस पॉइंट है. यह मिशन बीजिंग के उस प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत चीन दशक के अंत तक अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजना चाहता है. चीन की दीर्घकालिक योजना में वहां एक लूनर बेस स्थापित करना शामिल है, जिससे अमेरिका और रूस के अंतरिक्ष कार्यक्रमों को टक्कर दी जा सके.
चीन ने शनिवार को घोषणा की कि उसका ‘शेनझोउ 21’ अंतरिक्ष यान देश के अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ गया है. सफल प्रक्षेपण के बाद अंतरिक्ष यान क्रमवार तैनात किए जाने वाले चालक दल के तीन सदस्यों के साथ रिकॉर्ड गति से चीन के अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गया. ‘चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी’ के अनुसार अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ने की प्रक्रिया करीब साढ़े तीन घंटे में पूरी हुई जो पिछले अभियान से तीन घंटे कम है. ‘शेनझोउ 21’ यान ने तय समय पर शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 11 बजकर 44 मिनट पर उत्तर पश्चिम चीन में जिउक्वान प्रक्षेपण केंद्र से उड़ान भरी. ‘शेनझोउ 21’ के ये तीन अंतरिक्षयात्री अब अंतरिक्ष स्टेशन के ‘तियान्हे कोर मॉड्यूल’ में प्रवेश करेंगे.
चीन ने भेजे सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री
शुक्रवार के लॉन्च की खास बात यह थी कि तियानगोंग भेजी गई इस नवीनतम टीम में पहली बार मिशन पर जा रहे अंतरिक्ष यात्री झांग होंगझांग और वू फेई शामिल हैं. वू फेई, 32 वर्ष की आयु में, चीन के अब तक के सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं. टीम का नेतृत्व कमांडर झांग लू कर रहे हैं, जिन्होंने दो साल पहले भी अंतरिक्ष में समय बिताया था. अभियान के कमांडर झांग लू शामिल हैं जो दो साल पूर्व अंतरिक्ष केंद्र के लिए ‘शेनझोउ 15’ के अभियान का भी हिस्सा थे. अपने मिशन के दौरान, अंतरिक्ष यात्री 27 वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे, जिनमें जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष चिकित्सा और पदार्थ विज्ञान (materials science) के क्षेत्र शामिल हैं.
पहली बार अंतरिक्ष केंद्र की यात्रा का हिस्सा बन रहे अन्य दो सदस्यों में वू फी (32) एक इंजीनियर और अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे देश के सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री हैं. वहीं, झांग होंगझांग एक पेलोड विशेषज्ञ हैं, जो अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले नयी ऊर्जा और नयी सामग्रियों पर ध्यान केंद्रित करने वाले शोधकर्ता थे. झांग ने कहा कि अपने पूर्ववर्ती अंतरिक्ष यात्रियों की तरह ये लोग भी लगभग छह महीने तक अंतरिक्ष केंद्र पर रहेंगे.
चूहे भी हैं, लेकिन उनका क्या है काम?
इसके अलावा, अंतरिक्ष यान में चार चूहे भी सवार हैं यह पहली बार है जब चीन ने छोटे स्तनधारियों (small mammals) को अपने स्पेस स्टेशन पर भेजा है. चीनी विज्ञान अकादमी के एक इंजीनियर हान पेई ने कहा कि कुल चार चूहों, दो नर और दो मादा पर निगरानी रखी जाएगी. इस प्रयोग का उद्देश्य यह अध्ययन करना है कि जीरो ग्रैविटी (weightlessness) और एक बंद वातावरण (confinement) उनके व्यवहार पर किस प्रकार का प्रभाव डालते हैं. चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ (Xinhua) के अनुसार, स्पेस माउस को 300 उम्मीदवारों में से चुना गया था और उन्हें 60 दिनों तक कठोर प्रशिक्षण दिया गया. सरकारी मीडिया चाइना नेशनल रेडियो ने खबर दी है कि चूहों के अंतरिक्ष स्टेशन में पांच से सात दिन तक रहने तथा शेनझोउ 20 से सवार होकर पृथ्वी पर वापस आने की उम्मीद है.
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ी ‘स्पेस रेस’
यह लॉन्च उस समय हुआ है जब चीन ने स्पष्ट किया है कि वह 2030 तक चंद्रमा पर मानव मिशन भेजने के लिए पूरी तरह से जुटा हुआ है. चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी के प्रवक्ता झांग जिंगबो (Zhang Jingbo) ने कहा, “2030 तक चीन का किसी व्यक्ति को चंद्रमा पर उतारने का लक्ष्य निश्चित और दृढ़ है.” पाकिस्तान के साथ सहयोग करते हुए चीन दो पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों को भी प्रशिक्षण के लिए चीन भेजने की प्रक्रिया में है. अंतरिक्ष एजेंसी की योजना उनमें से एक को पेलोड विशेषज्ञ के रूप में एक अल्पकालिक मिशन पर भेजने की है, जो किसी विदेशी अंतरिक्ष यात्री की अंतरिक्ष स्टेशन की पहली यात्रा होगी.
गौर करने वाली बात यह भी है कि चीन को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से बाहर कर दिए जाने के बाद तियानगोंग स्पेस स्टेशन खुद बनाना पड़ा था. चीन का यह नवीनतम मिशन उसी सप्ताह आया जब स्पेसएक्स (SpaceX) ने अमेरिका की नासा (NASA) को एक सरल योजना पेश की, ताकि अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री चीन से पहले चंद्रमा पर लौट सकें.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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