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चेनाब पर भारत सरकार का बड़ा फैसला! हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी, पाकिस्तान में मचा हड़कंप

Chenab Hydropower Project: भारत ने चिनाब नदी पर दुलहस्ती स्टेज-II हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. यह 260 MW का प्रोजेक्ट स्टेज-I का विस्तार है. पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि (IWT) के उल्लंघन का आरोप लगाया है. यह प्रोजेक्ट एनर्जी सिक्योरिटी बढ़ाएगा, जल संसाधनों पर कंट्रोल मजबूत करेगा और नदी संरक्षण योजना के तहत पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम करेगा.

Chenab Hydropower Project: भारत ने जम्मू-कश्मीर में चेनाब नदी पर Dulhasti Stage-II हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. दिसंबर 2025 में पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने परियोजना को मंजूरी दी थी. भारत ने पिछले साल इंडस वाटर्स ट्रिटी (IWT) को निलंबित कर दिया था. भारतीय अधिकारी इसे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने वाला और तकनीकी रूप से सही प्रोजेक्ट बता रहे हैं, जबकि पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन मान रहा है.

Chenab Hydropower Project in Hindi: पर्यावरण मंजूरी और लागत

260 मेगावाट क्षमता वाला Dulhasti Stage-II प्रोजेक्ट Ministry of Environment, Forest and Climate Change की Expert Appraisal Committee (EAC) से मंजूरी प्राप्त कर चुका है. यह मंजूरी 19 दिसंबर 2025 को दी गई. परियोजना की लागत लगभग 3,200 करोड़ रुपये बताई गई है. निर्माण से पहले ठेके दिए जाएंगे और काम जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में शुरू होगा, जहां पहले से ही Dulhasti Stage-I पावर स्टेशन काम कर रहा है. EAC ने कहा कि प्रोजेक्ट इंडस वाटर्स ट्रिटी के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है, लेकिन ट्रिटी अब निलंबित है. इसका मतलब है कि भारत को पाकिस्तान को पहले सूचित करने या तकनीकी डेटा साझा करने की जरूरत नहीं है.

Dulhasti Stage-II क्यों अहम है

Dulhasti Stage-II, Stage-I का विस्तार है. Stage-I, 2007 में शुरू हुआ 390 MW का रन-ऑफ-द-रिवर प्रोजेक्ट है, जो हर साल 2,000 मिलियन यूनिट बिजली पैदा करता है और उत्तरी बिजली ग्रिड के लिए अहम है. Stage-I की शुरुआत 1985 में हुई थी और इसमें समय और लागत बढ़ती रही. Stage-II में नया बांध नहीं बनेगा. यह Stage-I से पानी लेकर 3,685 मीटर लंबा टनल और 8.5 मीटर व्यास का टनल बनाएगा. इसके बाद एक हॉर्सशू आकार का तालाब, सर्ज शाफ्ट, प्रेशर शाफ्ट और दो 130 MW की जनरेटिंग यूनिट्स के साथ 260 MW का पावरहाउस बनेगा.

परियोजना का निर्माण और जमीन का अधिग्रहण

Stage-II प्रोजेक्ट किश्तवाड़ जिले में है, जहां पहले से कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट हैं. कुल जमीन की जरूरत 60.3 हेक्टेयर है, जिसमें 8.26–8.27 हेक्टेयर निजी जमीन होगी. लगभग 62 परिवार प्रभावित होंगे. सार्वजनिक सुनवाई 22 अगस्त 2025 को बेंजवर गांव में हुई थी. EAC ने मंजूरी दी है, लेकिन नदी संरक्षण योजना लागू करने की शर्त रखी है, ताकि Dulhasti Stage-II और अन्य upstream/downstream प्रोजेक्ट्स के असर को कम किया जा सके. (Chenab Dulhasti Stage-II Hydropower Project in Hindi)

भारत की इंडस बेसिन में रणनीति

इंडस वाटर्स ट्रिटी निलंबित होने के बाद भारत ने इंडस बेसिन में कई लंबित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को तेज करने का फैसला किया है. इसके तहत Sawalkote, Ratle, Bursar, Pakal Dul, Kwar, Kiru, Kirthai-I और II जैसी परियोजनाएं शामिल हैं. Sawalkote प्रोजेक्ट 1,856 MW की क्षमता वाला “राष्ट्रीय महत्व” का प्रोजेक्ट है. Dulhasti Stage-II इसी व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जल संसाधनों पर नियंत्रण और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना है.

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने भारत पर IWT का उल्लंघन और पानी को रणनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया है. पूर्व मंत्री शैरी रहमान ने इसे “चेनाब नदी के पानी का हथियारबंदी” बताया. उन्होंने कहा कि भारत ने Dulhasti Stage-II के जरिए पानी पर एकतरफा कब्जा किया है और यह क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है. पाक मीडिया ने भी इसे IWT का स्पष्ट उल्लंघन बताया. पाकिस्तान का कहना है कि चेनाब, झेलम और नीम जैसी नदियों में पानी की आपूर्ति घट रही है और अनियमित हो रही है. उनका दावा है कि भारत के upstream कार्यों से कृषि प्रभावित हो रही है. पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि नदी के प्रवाह में हस्तक्षेप को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा और इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया है.

नदी के इकोसिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं

चेनाब नदी बेसिन पहले से ही पश्चिमी हिमालय में सबसे अधिक विकसित हाइड्रोपावर क्षेत्र है. पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि कई डैम और रन-ऑफ-द-रिवर प्रोजेक्ट्स नदी के इकोसिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं. हिमालयी नदियों में बारिश, ग्लेशियर और तापमान में बदलाव तेजी से हो रहे हैं. EAC ने नदी संरक्षण योजना लागू करने की शर्त रखी है, ताकि परियोजना के असर को कम किया जा सके.

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Govind Jee
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गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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