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पूर्वोत्तर भारत को दिखाया बांग्लादेश का हिस्सा! मुहम्मद यूनुस ने पाकिस्तानी जनरल को दिया ‘विवादित नक्शे’ वाला गिफ्ट

Updated at : 27 Oct 2025 3:00 PM (IST)
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Bangladesh Map Dispute Muhammad yunus gift to pakistani general

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस द्वारा पाकिस्तान के शीर्ष जनरल को विवादित नक्शे वाली कलाकृति किया भेंट. इमेज सोर्स एक्स.

Bangladesh Map Dispute: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस द्वारा पाकिस्तान के शीर्ष जनरल को विवादित नक्शे वाली कलाकृति भेंट करने से भारत में चिंताएं बढ़ीं. खुफिया सूत्र इसे ढाका-रावलपिंडी की नई नजदीकियों और पूर्वोत्तर भारत पर सॉफ्ट-पावर रणनीति से जोड़ रहे हैं.

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Bangladesh Map Dispute: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई बार सबसे बड़ी चाल वहीं छिपी होती है, जहां हम सामान्य आंख से कुछ नहीं देखते. बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने पाकिस्तान के शीर्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को एक कलाकृति भेंट की. बाहर से यह बस एक औपचारिक सौजन्य जैसा दिखता है, लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियों का दावा है कि इस गिफ्ट में भारत के लिए एक बड़ा संकेत छिपा है.

Bangladesh Map Dispute: पूर्वोत्तर भारत को बांग्लादेश में दिखाया गया?

सूत्रों के अनुसार, इस कलाकृति का नाम “आर्ट ऑफ ट्रायम्फ” है. इसमें कथित रूप से एक ऐसा नक्शा दर्शाया गया है जिसमें भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को बांग्लादेश की विस्तारित सीमा के भीतर दिखाया गया है. खुफिया स्रोतों का दावा है कि यह भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश है.

भारतीय खुफिया का मानना है कि यह कलाकृति किसी साधारण अधिकारी को नहीं, बल्कि पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारी को दी गई. इसे जानबूझकर उठाया गया कदम माना जा रहा है, जो ढाका की अंतरिम सरकार और पाकिस्तान की सेना के बीच बढ़ रही तालमेल का प्रतीक माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, यह भारत विरोधी बयानबाजी के प्रति ढाका के मौन समर्थन का संकेत हो सकता है.

1971 की हार को मिटाने की कोशिश?

विश्लेषकों का कहना है कि यह एक प्रतीकात्मक संदेश भी है. इसका मकसद है कि 1971 में पाकिस्तान की हार की याद को धुंधला करना, पुराने जख्मों को फिर से कुरेदना और बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच वैचारिक साझेदारी दिखाना. इसे एक तरह के ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ का हिस्सा बताया जा रहा है.

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब त्रिपुरा और मिजोरम की सीमा पर घुसपैठ की खबरें बढ़ी हैं. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान समर्थित इस्लामी NGOs बांग्लादेश के नेटवर्क के माध्यम से इसे अंजाम दे रहे हैं. इससे संदेह बढ़ता है कि यह सांस्कृतिक और कूटनीतिक साधनों के जरिए चलाया जा रहा एक सॉफ्ट-पावर हमला है.

यूनुस की सरकार को पश्चिम का समर्थन?

राजनयिक सूत्रों का यह भी दावा है कि मुहम्मद यूनुस के सत्ता में आने के पीछे यूएसएआईडी और कुछ अमेरिकी थिंक टैंक्स का समर्थन रहा है. इन नेटवर्क्स पर आरोप है कि वे लंबे समय से शेख हसीना की सरकार को कमजोर करना चाहते थे और ढाका को भारत के बढ़ते प्रभाव के प्रतिकार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं.

भारत की कैसी होगी प्रतिक्रिया?

खुफिया चैनलों की मानें तो इस कलाकृति का कूटनीतिक असर भले सीमित हो, लेकिन इसे भारत को उकसाने और उसकी प्रतिक्रिया परखने के लिए एक सुनियोजित प्रयास माना जा रहा है. इसे “अमेरिका-निर्धारित सॉफ्ट-पावर प्रयोग” करार दिया गया है, जो खुले कूटनीतिक नियमों का उल्लंघन किए बिना भारत की रणनीति की जांच करता है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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