इस देश के प्रधानमंत्री और उनके परिजन कोरोना से संक्रमित

आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनियन और उनके परिवार के सभी सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. पाशिनियन ने सोमवार को एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि उन्हें बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन उन्होंने सैन्य इकाइयों का दौरा करने से पहले अपनी जांच कराने का फैसला किया और जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं घर से काम करूंगा . ''
येरेवान : आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनियन और उनके परिवार के सभी सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. पाशिनियन ने सोमवार को एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि उन्हें बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन उन्होंने सैन्य इकाइयों का दौरा करने से पहले अपनी जांच कराने का फैसला किया और जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं घर से काम करूंगा . ”
उन्होंने कहा कि उन्हें संभवत: संक्रमण एक वेटर से हुआ जो एक बैठक के दौरान बिना दस्ताने पहने उनके लिए एक गिलास पानी लेकर आया था और बाद में वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया. लगभग 30 लाख की आबादी वाले आर्मेनिया में कोरोना वायरस के अब तक नौ हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और लगभग 130 लोगों की मौत चुकी है. देश ने मार्च के मध्य में आपात स्थिति की घोषणा की थी. पाशिनियन ने पिछले सप्ताह कहा था कि आर्मेनिया में विषाणु संक्रमण की स्थिति खराब होती जा रही है. उनके परिवार के सदस्यों की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है.
आर्मीनिया (आर्मेनिया) पश्चिम एशिया और यूरोप के काकेशस क्षेत्र में स्थित एक पहाड़ी देश है जो चारों तरफ़ ज़मीन से घिरा है. 1990 के पूर्व यह सोवियत संघका हिस्सा था. इसके बाद वहां राज्यों की आजादी के लिए एक आंदोलन हुआ जिससे इसे आजादी मिली. आर्मीनिया को 23 अगस्त 1990 को आजादी मिली इसके बावजूद भी इसकी घोषणा में और अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने में वक्त लगा. इसकी राजधानी येरेवान है.
आर्मीनिया के भारत से बहुत अच्छे संबंध हैं. इतना ही नहीं यह देश पाकिस्तान को अपने दुश्मनों में मानता है कारण है. पाकिस्तान के अजरबेजान और तुर्की के साथ करीबी संबंध हैं। अजरबेजान और तुर्की ऐसे देश हैं जिनके साथ आर्मेनिया की सदियों से लड़ाई होती आई. इसके साथ ही पाकिस्तान ने इन देशों के साथ बेहतर संबंधों के कारण कभी इस देश को मान्यता नहीं दी. आर्मेनिया के संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) के साथ बहुत मधुर संबंध हैं और यहां आने के लिए यू.ए.ई. के लोगों को वीजा भी नहीं लेना पड़ता. इस देश ने कई देशों से बेहतर संबंध रखा है लेकिन कई देश इसकी मान्यता से इनकार भी करते हैं.
Posted by: pankaj kumar pathak
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