बांग्लादेश चुनाव: भारत के 'दुश्मन' अब बनेंगे सांसद, आतंकी साजिश के थे आरोप

Updated at : 14 Feb 2026 1:05 PM (IST)
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ATM Azharul Islam of Jamaat-e-Islami (Left), BNP Lutfozzaman Babar (Center) and Abdus Salam Pintu

जमात-ए-इस्लामी के अजहरुल इस्लाम (बाएं), बीएनपी लुत्फोज्जमान बाबर (बीच में) और अब्दुस सलाम पिंटू

Anti India Terror Accused: बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद हुए चुनावों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. शेख हसीना के देश छोड़ते ही जेल में बंद रहे वो नेता अब संसद पहुंच रहे हैं, जिन पर भारत में बम धमाकों और कत्लेआम की साजिश रचने के गंभीर आरोप थे.

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Anti India Terror Accused: बांग्लादेश में हुए हालिया नेशनल इलेक्शन के नतीजों ने सबको चौंका दिया है. शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद हुए इन पहले चुनावों में तीन ऐसे नेताओं ने जीत दर्ज की है, जिनका पिछला रिकॉर्ड काफी विवादों भरा रहा है. इनमें से एक पर तो भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप भी लग चुके हैं.

जेल से सीधे संसद तक का सफर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जीतने वाले इन तीन नेताओं में से दो ‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी’ (BNP) के हैं, जिसका नेतृत्व तारिक रहमान कर रहे हैं. वहीं, तीसरा नेता ‘जमात-ए-इस्लामी’ पार्टी से है.

हैरानी की बात यह है कि इन तीनों को पहले गंभीर आपराधिक मामलों में मौत की सजा तक मिल चुकी थी. लेकिन शेख हसीना के जाने और मोहम्मद यूनुस के दौर में हुए कानूनी बदलावों के बाद इनकी सजाएं खत्म कर दी गईं और ये पाक-साफ होकर चुनाव मैदान में उतरे.

कौन हैं ये 3 नेता और क्या हैं इन पर आरोप?

नेटवर्क18 कि रिपोर्ट के अनुसार, इन नेताओं का प्रोफाइल कुछ इस तरह है:

लुत्फोजमां बाबर (BNP): ये पूर्व मंत्री रह चुके हैं. इन पर 2004 में शेख हसीना की रैली पर हुए ग्रेनेड हमले का आरोप था, जिसमें 24 लोग मारे गए थे. हालांकि, दिसंबर 2024 में हाई कोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया. बाबर ने करीब 1.6 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की है.

अब्दुस सलाम पिंटू (BNP): पिंटू ने लगभग 2 लाख वोटों से जीत दर्ज की. इन पर पाकिस्तान के आतंकी संगठन ‘हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी’ (HuJI) की मदद करने का आरोप था. यह संगठन भारत में वाराणसी ब्लास्ट (2006), अजमेर शरीफ दरगाह हमला (2007) और दिल्ली ब्लास्ट (2011) में शामिल बताया जाता है. अदालती फैसलों के बाद ये भी अब फ्री हैं.

एटीएम अजहरुल इस्लाम (जमात-ए-इस्लामी): इन्हें 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान 1,200 से ज्यादा लोगों की हत्या और रेप जैसे गंभीर आरोपों में 2014 में मौत की सजा सुनाई गई थी. बाद में इनकी सजा भी पलट दी गई और अब ये सांसद बनने जा रहे हैं.

तारिक रहमान बनेंगे नए प्रधानमंत्री

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, तारिक रहमान की पार्टी BNP ने चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है. लगभग 20 साल बाद यह पार्टी सत्ता में लौट रही है. तारिक रहमान अब बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं. अपनी जीत के बाद उन्होंने समर्थकों का शुक्रिया अदा किया और नमाज अदा करने मस्जिद पहुंचे.

भारत के साथ रिश्तों पर क्या होगा असर?

बांग्लादेश और भारत के रिश्ते फिलहाल काफी नाजुक दौर से गुजर रहे हैं. हालांकि, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर जीत की बधाई दी है. पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि उन्होंने रहमान को बांग्लादेश के लोगों की उम्मीदें पूरी करने के लिए अपना समर्थन और शुभकामनाएं दी हैं. अब देखना यह होगा कि इन विवादित नेताओं के संसद पहुंचने के बाद दोनों देशों के संबंध किस दिशा में जाते हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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