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आतंकवाद पर 11 साल बाद सबसे बड़ा हमला, अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया अलकायदा का सरगना अल जवाहिरी

Updated at : 02 Aug 2022 9:44 AM (IST)
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आतंकवाद पर 11 साल बाद सबसे बड़ा हमला, अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया अलकायदा का सरगना अल जवाहिरी

अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने भी ट्वीट करके अलकायदा के सरगना अल जवाह‍िरी के मारे जाने की पुष्टि की है. अमेरिकी रराष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने अपने ट्वीट में कहा कि शनिवार को मेरे निर्देश पर अमेरिका ने अफगानिस्‍तान के काबुल में कामयाब हवाई हमला किया.

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Al Zawahiri killed: अमेरिका ने आतंकवाद पर बड़ा हमला किया है. उसका दावा है कि उसने आतंकवादी संगठन अल कायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी को एक ड्रोन हमले में मार ग‍िराया है. साल 2011 में ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के 11 साल बाद आतंकवाद पर अमेरिका का यह सबसे बड़ा हमला है. अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि अल जवाहिरी को अफगानिस्‍तान में सीआईए के ड्रोन ने मार गिराया.

जो बाइडन ने ट्वीट कर की मारे जाने की पुष्टि

अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने भी ट्वीट करके अलकायदा के सरगना अल जवाह‍िरी के मारे जाने की पुष्टि की है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने अपने ट्वीट में कहा कि शनिवार को मेरे निर्देश पर अमेरिका ने अफगानिस्‍तान के काबुल में कामयाब हवाई हमला किया, जिसमें अल कायदा का अमीर अयमान अल जवाहिरी मार गिराया गया. इंसाफ हो गया.

सितंबर 2011 के अमेरिकी हमले में थी अहम भूमिका

बता दें कि अलकायदा के सरगना अल जवाहिरी पर अमेरिका में हुए कई हमलों का आरोप था. साल 2001 में 11 सितंबर को अमेरिका पर हुए हवाई हमलों में अल जवाहिरी ने अहम भूमिका न‍िभाई थी. इन हमलों में अमेरिका के चार नागरिक विमानों को हाइजैक करके उन्‍हें न्‍यू यॉर्क के वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर, वॉशिंगटन के पास रक्षा मंत्रालय पेंटागन और पेंसिलवेनिया में टकराया गया था. इन हमलों में करीब 3 हजार लोग मारे गए थे.

सीआईए ने रविवार को ड्रोन से किया हमला

अमेरिका के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर खुलासा किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने रविवार को अफगानिस्‍तान की राजधानी काबुल पर ड्रोन स्‍ट्राइक की थी. इसी हमले में अयमान अल जवाहिरी मारा गया. यह हमला अफगानिस्‍तान में आतंकवाद के खिलाफ अभियान के तहत किया गया. अगर उसकी मौत की खबरों की पुष्टि हो जाती है, तो तालिबान की भूमिका पर सवाल उठेंगे. सवाल उठेंगे कि क्‍या पिछले साल अगस्‍त 2021 में काबुल पर कब्‍जा करने के बाद तालिबान अपने यहां जवाहिरी को पनाह दिए हुआ था. साल 2021 में 20 साल बाद अमेरिकी फौजें अफगानिस्‍तान छोड़कर अमेरिका वापस चली गई थीं.

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तालिबान ने की अमेरिकी हमलों की निंदा

तालिबान के प्रवक्‍ता जबीहउल्‍लाह मुजाहिद ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए इनकी कड़ी निंदा की है. उन्‍होंने इसे अंतरराष्‍ट्रीय सिद्धांतों का उल्‍लंघन बताया. अफगानिस्‍तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने भी कहा था कि काबुल में रविवार सुबह जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई. प्रवक्‍ता अब्‍दुल नफी तकोर ने कहा कि शेरपुर में एक मकान पर रॉकेट से हमला किया गया था. चूंकि मकान खाली था, इसलिए कोई भी जख्‍मी नहीं हुआ.

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