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अफगानिस्तान में तबाही मचाने वाले भूकंप से 20 की मौत, 300 से ज्यादा लोग घायल, भारत ने सबसे पहले भेजी मदद

Updated at : 03 Nov 2025 7:47 PM (IST)
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Afghanistan Earthquake 20 dead many injured India Sends Help

अफगानिस्तान में भूकंप से 20 की मौत, 300 घायल; भारत ने भेजी मदद

Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान के उत्तरी इलाकों में 6.3 तीव्रता के भूकंप से 20 लोगों की मौत और 300 से ज्यादा घायल हुए. बल्ख और समांगन में सबसे ज्यादा तबाही हुई है. भारत सबसे पहले राहत सामग्री और दवाइयां भेजकर मदद पहुंचाने वाला देश बना. ऐतिहासिक ब्लू मॉस्क को भी नुकसान पहुंचा है. संयुक्त राष्ट्र ने भी राहत शुरू कर दिया है.

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Afghanistan Earthquake: रविवार की आधी रात अफगानिस्तान फिर दहल उठा. तीन नवंबर की रात वहां 6.3 तीव्रता का भूकंप आया जिसने लोगों को नींद से जगा दिया. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, इसका केंद्र खुल्म शहर से करीब 22 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में और 28 किलोमीटर गहराई में था. झटके रात 12 बजकर 59 मिनट पर महसूस किए गए. अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान ने बताया कि इस भूकंप में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है और 320 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने कहा कि ज्यादातर लोगों को हल्की चोटें आई हैं और उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया.

Afghanistan Earthquake: सबसे ज्यादा नुकसान बल्ख और समांगन में

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भूकंप से बल्ख और समांगन प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. राहत और बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और घायलों को निकालने व जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाने का काम शुरू कर दिया. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि भूकंप ने बल्ख, समांगन और बगलान प्रांतों में भारी नुकसान किया है. कई लोग मारे गए और संपत्ति को भी नुकसान हुआ है. सरकारी टीमें प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचा रही हैं.

झटकों से ‘ब्लू मॉस्क’ को भी पहुंचा नुकसान

भूकंप के झटके मजार-ए-शरीफ तक महसूस किए गए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि ऐतिहासिक ‘ब्लू मॉस्क’ (नीली मस्जिद) की दीवारों से ईंटें गिर गईं. हालांकि, मस्जिद का ढांचा सुरक्षित है. यह मस्जिद अफगानिस्तान के सबसे पुराने और पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां त्योहारों पर बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं. झटके काबुल और आसपास के कई प्रांतों में भी महसूस किए गए. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चट्टान खिसकने से काबुल–मजार-ए-शरीफ राजमार्ग कुछ देर के लिए बंद हो गया था, लेकिन बाद में सड़क को फिर से खोल दिया गया. फंसे हुए और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया.

संयुक्त राष्ट्र भी उतरा मदद में

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी इस भूकंप पर चिंता जताई है. X पर पोस्ट करते हुए उसने कहा कि कुछ ही हफ्तों पहले आए एक और घातक भूकंप के बाद फिर से धरती हिली है. हमारी टीमें जमीन पर हैं और जरूरतों का आकलन कर रही हैं और तुरंत राहत पहुंचा रही हैं. पिछले कुछ सालों से अफगानिस्तान लगातार भूकंपों की मार झेल रहा है. यहां की ज्यादातर इमारतें कंक्रीट या ईंटों से बनी छोटी संरचनाएं हैं जबकि गांवों में कच्चे या लकड़ी के घर हैं जो आसानी से गिर जाते हैं. तालिबान सरकार के मुताबिक, 31 अगस्त 2025 को आए 6.0 तीव्रता वाले भूकंप में 2,200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. 7 अक्टूबर 2023 को आए 6.3 तीव्रता वाले भूकंप में कम से कम 4,000 लोगों की जान गई थी.

India Sends Help: भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया

आपदा के बाद भारत ने तुरंत अफगानिस्तान की ओर मदद का हाथ बढ़ाया. विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने भूकंप से प्रभावित परिवारों के लिए खाद्य सामग्री भेजी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा है कि अफगान लोगों के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि करते हुए भारत भूकंप से प्रभावित परिवारों के लिए खाद्य सामग्री पहुंचा रहा है. भारत पहला प्रतिक्रियादाता (सबसे पहले मदद) है.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी से बात की और बल्ख, समांगन और बगलान प्रांतों में हुए नुकसान पर गहरी संवेदना जताई. उन्होंने X पर लिखा कि आज दोपहर अफगान विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्ताकी से बात की. भूकंप प्रभावित समुदायों के लिए भारतीय राहत सामग्री आज सौंपी जा रही है. दवाओं की और आपूर्ति जल्द पहुंचेगी.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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