भारतीय मूल के शोधकर्ता के नेतृत्व में जगी मधुमेह के सटीक उपचार की उम्मीद

ह्यूस्टन: भारतीय मूल के एक शोधकर्ता के नेतृत्व वाले दल ने चूहों में एक ऐसे जीन का पता लगाया है जिसकी मदद से टाइप 2 के मधुमेह का सटीक उपचार संभव हो सकेगा. प्रोफेसर बेल्लूर एस प्रभाकर के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने ‘मैड’ जीन को केंद्रबिंदु में रखकर अध्ययन किया और मधुमेह के मरीजों के […]
ह्यूस्टन: भारतीय मूल के एक शोधकर्ता के नेतृत्व वाले दल ने चूहों में एक ऐसे जीन का पता लगाया है जिसकी मदद से टाइप 2 के मधुमेह का सटीक उपचार संभव हो सकेगा.
प्रोफेसर बेल्लूर एस प्रभाकर के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने ‘मैड’ जीन को केंद्रबिंदु में रखकर अध्ययन किया और मधुमेह के मरीजों के उपचार की नई संभावना तलाशने की दिशा में कदम बढ़ाया.
उन्होंने कहा कि पहले यह तय था कि जिन लोगों के उच्च रक्त ग्लूकोज तथा इंसूलीन के स्राव की समस्या थी, वे टाइप 2 मधुमेह की श्रेणी में आते हैं, परंतु यह स्पष्ट नहीं था कि बीमारी के लक्षणों को लेकर किस तरह का परिवर्तन होता है.
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